गरीबी के चलते ऑटो रिक्शा चला रहा पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन बॉक्सर

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Sunday, November 24, 2013-3:36 PM

जमशेदपुर: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीत चुके पूर्व जूनियर नेशनल चैंपियन बॉक्सर रामदास हांसदा आज कल अपने गृहनगर जमशेदपुर मे ऑटो रिक्शा चला कर किसी तरह अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं।

28 वर्षीय रामदास ने 2002 में सिक्किम की राजधानी गंगटोक में आयोजित जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में लाइटफ्लाई वेट (48 किग्रा) वर्ग में स्वर्ण पदक जीत कर सनसनी मचा दी थी। उसने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी दो पदक, एक रजत और एक कांस्य, तथा राष्ट्रीय बाक्सिंग मुकाबलों में आधा दर्जन से अधिक पदक जीते हैं।

अपनी मां, पत्नी, दो बच्चों और छोटे भाई के साथ यहां बागबेड़ा के एक किराए के मकान में रह रहे रामदास अब हताशा की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। उन्होंने रविवार को यहां पत्रकारों से कहा कि अब उनके लिए परिवार चलाना भी मुश्किल हो रहा है ऐसे में राज्य सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए। वर्ष 2004 में बाक्सिंग को अलविदा कह चुके रामदास ने 2005 मे झारखंड पुलिस में बहाली का प्रयास किया था पर उन्हें कथित कम ऊंचाई का हवाला देते हुए छांट दिया गया।


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