26/11 हमला: अदालत ने बम निष्क्रिय दस्ते को पुरस्कार पर जवाब मांगा

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Tuesday, November 26, 2013-11:00 AM

मुंबई: मुंबर्इ उच्च न्यायालय ने आज महाराष्ट्र सरकार से  जानना चाहा कि 26/11 के मुम्बई हमले के दौरान अपनी जान की बाजी लगाने वाले पुलिस के बम निष्क्रिय दस्ते के लिए वीरता पुरस्कारों की राज्य के पुलिस महानिदेशक द्वारा सिफारिश करने के बाद उसने क्या कदम उठाया।
 
अदालत ने राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है। न्यायमूर्ति पी वी हरदास की अगुवाई वाली पीठ ने पूर्व पत्रकार केतन तिरोडकर की जनहित याचिका पर यह निर्देश जारी किया। याचिकाकर्ता ने मुम्बई हमले के शहीदों के लिए अशोक चक्र और उनके परिवारों को पेट्रोल पंप देने की मांग की है।सरकारी वकील अरूणा पाई ने कहा कि पुलिस महानिदेशक ने केंद्र को पत्र लिखकर पुलिस विभाग के बम निरोधक दस्ते के लिए पुरस्कारों की सिफारिश की है।
 
तिरोडकर ने कहा है कि 26/11 हमले के दौरान हथगोले, बम एवं अन्य विस्फोटकों को निष्क्रिय करने वाले इस दस्ते में से किसी का बीमा नहीं हुआ है। ये लोग अपनी जान जोखिम में डालकर संकट के समय काम करते हैं अतएव उन्हें उपयुक्त रूप से सम्मानित किया जाए। याचिका में कहा गया है कि जैसे हेमंत करकरे, अशोक कामते और विजय सलासकर और तुकाराम ओंबाले जैसे ही शीर्ष पुलिस अधिकारी अशोक चक्र से सम्मानित किए गए वैसे ही ड्यूटी के दौरान पाकिस्तानी आतंकवादियों से बहादुरी से लड़कर अपनी जान देने वाले अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी पुरस्कार पर विचार किया जाना चाहिए।


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