ये हैं असली नेता, अपने बूते पर जीतते हैं

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Tuesday, November 26, 2013-12:28 PM

नई दिल्ली (सज्जन चौधरी): सत्ता पर काबिज होने के लिए लोग प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के चुनाव चिन्ह के चक्कर में लगे रहते हैं। लेकिन दिल्ली की राजनीति में कुछ नेता ऐसे भी हैं जिनके लिए पार्टी सिंबल कोई खास महत्व नहीं रखता। इन नेताओ ने इलाके में अपनी पैठ इस कदर बना ली है कि सिंबल कोई भी हो, जीत इन्हीं की होगी। बात बन गई तो प्रमुख पार्टी में शामिल हो गए, नहीं बनी तो निर्दलीय लड़कर भी विधान सभा पहुंचने की कूवत इनमें है।

2008 में हुए विधान सभा चुनावों में नजफगढ़ से भरत सिंह कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे, टिकट नहीं मिला तो बाहुबली भरत सिंह निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे और 11 हजार से अधिक वोटों से जीतकर विधान सभा पहुंचे। इसी कड़ी में दूसरे नंबर पर आते हैं मटिया महल से लोक जनशक्ति पार्टी के विधायक शोएब इकबाल।

लगातार 3 बार से विधायक शोएब इकबाल के लिए भी चुनाव चिन्ह कोई खास महत्व नहीं रखता, दिल्ली में लोक जनशक्ति पार्टी का कोई खास जनाधार न होने के बावजूद शोएब इकबाल साढे 7 हजार वोटों से जीतकर विधान सभा में पहुंचे। शोएब इकबाल की लोकप्रियता का आलम यह है कि इनके बेटे को भी जनता ने पार्षद बनाया है।

पार्टी सिंबल की परवाह न करने के मामले में बदरपुर विधान सभा सीट के प्रत्याशी हमेशा आगे रहे हैं। विधान सभा बनने के बाद से इस विधान सभा पर राम सिंह नेताजी और रामवीर सिंह बीधूड़ी का बारी-बारी कब्जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों प्रत्याशी कभी निर्दलीय कभी छोटी-मोटी क्षेत्रीय पार्टी तो कभी राष्ट्रीय पार्टी के चिन्ह पर चुनाव जीते हैं।

मौजूदा समय में यहां से विधायक राम सिंह नेताजी बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर जीते थे, हाल ही में उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की है। इससे पहले नेताजी एक बार निर्दलीय भी चुनाव जीत चुके हैं। बदरपुर से पूर्व विधायक रामवीर सिंह बीधूड़ी एन.सी.पी. से जीते थे, लेकिन इस बार वे भाजपा के चुनाव चिन्ह पर किस्मत आजमा रहे हैं। बीधूड़ी जी एक बार जनता दल के टिकट पर क्षेत्र की जनता का नेतृत्व कर चुके हैं।

2008 के चुनावों में ओखला सीट पर कांग्रेस के टिकट से जीत दर्ज करने वाले परवेज हाशमी, राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद यहां से विधायक आसिफ मोहम्मद खान ने कांग्रेस के टिकट पर विधान सभा का रुख किया। गौरतलब है इन सभी नेताओं की जीत में जातीय समीकरणों का बड़ा हाथ रहा है।

इन नेताओं से अलग कुछ नेता ऐसे भी हैं जो भले ही हमेशा एक ही पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़े हों, लेकिन इलाके में इनकी पहचान खुद की वजह से है। इनमें तुगलकाबाद से भाजपा विधायक रमेश बीधूड़ी, हरिनगर से हरशरण सिंह बल्ली और अंबेडकर नगर से गिनीज वल्र्ड रिकार्ड धारी चौधरी प्रेम सिंह शामिल हैं।


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