पदयात्रा पर पदयात्रा, चैन कहां है भैया

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Tuesday, November 26, 2013-1:02 PM

नई दिल्ली (ताहिर सिद्दीकी): जब कड़ी प्रतिस्पर्धा हो तो जितने के लिए चाल बदलनी पड़ती है। दिल्ली के चुनावी दंगल में भी यह सूत्र लागू होता है। ऐसे में चुनाव करीब आते ही नेताजी का रूटीन बदल गया है। देर तक सोना, घरवालों के साथ घूमना-फिरना सब कुर्बान हो गया है। उम्मीदवार जनता से संपर्क बढ़ाने के लिए पदयात्राओं पर खासा जोर दे रहे हैं। जो उम्मीदवार कभी दो कदम पैदल चलने से कतराते थे वह अब अपने इलाके की गलियों की खाक छान रहे हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष डॉ.योगानंद शास्त्री कहते हैं कि आम दिनों में रात 12 बजे तक सो जाता हंू,सुबह 5.30 बजे उठकर टहलने जाता हूं। रोज करीब 3 किमी सैर करता हूं । वापस आकर सारे समाचार पत्र पढ़ता हूं ,फिर नहा-धोकर 8.30 से 11 बजे तक लोगों से मिलता हूं और उसके बाद ऑफिस से जुड़े काम को निपटाता हूं, लेकिन चुनाव के दिनों में डॉ. शास्त्री की दिनचर्या बदल चुकी है। इन दिनों रात में 2 बजे तक सो पाते हैं। इसके बावजूद सुबह 5 बजे से पहले उठ जाते हैं।

सैर करने का समय नहीं होता है क्योंकि 5 बजे से लोगों का आना-जाना शुरू हो जाता है और 7.30 बजे से पदयात्रा शुरू हो जाती है। ऐसे में डॉ.शास्त्री उठते ही फ्रेश होते हैं और समाचार पत्रों को सरसरी निगाह से पढऩे के तुरंत बाद निकल जाते हैं। कई बार तो खाने का समय नहीं मिलता और 3 किमी की बजाय 10-10 किमी की पैदल यात्रा करनी पड़ रही है। समय पर सो नहीं पाते, इसलिए हाजमा भी ठीक नहीं रहता। वह कहते हैं कि ऐसे में फिट रहने के लिए खाने-पीने पर पूरा कंट्रोल रखता हूं। उन्होंने पहले ही डॉक्टर से फिटनैस मंत्र ले लिया है।

कांग्रेसी उम्मीदवार विजय सिंह लोचव कहते हैं, मेरे लिए छह घंटे की नींद बारहों महीने जरूरी है क्योंकि इसके बाद मैं पूरे दिन चलता रहूं, तो भी थकता नहीं। चुनाव के दिनों में लोचव रात में अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर देते हैं। थकान मिटाने के लिए दिन में गाड़ी में बैठे-बैठे ही प्राणायाम कर लेते हैं। पैरों में कोई तकलीफ न हो, इसके लिए पदयात्रा के समय पीटी शूज पहनते हैं।

भाजपा के उम्मीदवार रामवीर सिंह बिधूड़ी कहते हैं कि मैं पिछले 15 सालों से नियमित एक्सरसाइज करता हूं, मगर चुनाव के समय ऐसा नहीं हो पाता है। इन दिनों शारीरिक और मानसिक दबाव बहुत ज्यादा होता है, इसलिए फिट रहने के लिए योगाभ्यास और जॉगिंग करता हूं। साथ ही कभी-कभी मसाज भी करवाता हूं।

कांग्रेसी उम्मीदवार राजकुमार चौहान चुनावी थकान मिटाने के लिए सबसे अलग नुस्खा अपनाते हैं। उनका कहना है कि चुनाव करीब आने के बाद मैं रात में 12 बजे तक फील्ड में रहता हूं, इसलिए सोने में डेढ़-2 बज जाते हैं। सुबह 7 बजे उठता हूं। व्यस्तता के कारण योग नहीं कर पाता, इसलिए फिट रहने के लिए हल्का भोजन करता हूं और दिमागी थकान मिटाने के लिए एक-दो घंटे दोस्तों के साथ बैठकर हंसी-ठहाके जरूर लगाता हूं।

कांग्रेस उम्मीदवार रमाकांत गोस्वामी कहते हैं कि मैं हैल्थ के साथ कोई समझौता नहीं करता हूं, इसलिए चुनाव की व्यस्त दिनचर्या में भी मैं दिन में एक घंटा आराम जरूर करता हूं। हां, बाकी रूटीन पूरी तरह बदल जाती है। सुबह 5 बजे उठना पड़ता है, 6 बजे घर छोड़ देते हैं और पदयात्रा पर निकलने से पहले लोगों से मिलते-जुलते हैं। बाहर का तला-भुना कभी नहीं खाते। घर की बनी सादी रोटी, सब्जी और दाल ही लेते हैं। 


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