बीजेपी बोली, नीतीश कुमार का रिपोर्ट कार्ड राशन कार्ड से कम नहीं

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Wednesday, November 27, 2013-11:25 AM

पटना: बीजेपी ने बिहार सरकार के 8 साल पूरे होने पर नीतीश कुमार द्घारा जारी किए गए पिपोर्ट कार्ड पर कड़ा प्रहार करते हुए का कि यह सरकार की रिपोर्ट कार्ड से ज्यादा नीतीश कुमार का अपना राशन कार्ड नजर आता है। बिहार बीजेपी के विधायक दल के नेता नंद किशोर यादव ने कहा कि बिहार सरकार की रिपोर्ट कार्ड में नीतीश की 127 फोटो है। यह नीतीश सरकार की रिपोर्ट कार्ड से ज्यादा बिहार के मुख्यमंत्री का निजी राशन कार्ड नजर आता है। 

बिहार भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने राज्य में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जनता दल यूनाइटेड(जद यू) सरकार को ‘वैशाखी’ के सहारे चलने वाली कमजोर सरकार बताते हुए आज कहा कि उनकी पार्टी की उपलब्धियों को ही इस वर्ष रिपोर्ट कार्ड में आधार बनाया गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नीतीश सरकार के आठ वर्ष पूरे होने के मौके पर यहां पार्टी की ओर से ‘विश्वासघात के पांच महीने, सांसत में सुशासन’ पर 48 पन्नों का ‘सच’ जारी करते हुए कहा कि भाजपा को जद यू से अलग हुए केवल साढे पांच महीने हुए है और इतने दिनों में ही बिहार की चर्चा नकारात्मक बातों को लेकर होने लगी है।

इससे पहले जब भाजपा सरकार में शामिल थी तब प्रदेश की चर्चा सुशासन और विकास जैसी सकारात्मक बातों को लेकर होती थी। मोदी ने कहा कि प्रदेश की जद यू सरकार शिथिलता की शिकार हो गई है और विकास कार्य ठप है। सरकार के अनिर्णय के कारण पूर्व में लिये गये फैसलों का कार्यान्वयन भी पिछले पांच माह से बाधित हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन के कार्यक्रम जो पहली बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) सरकार के गठन के बाद तय किये गये थें जो अब हाशिये पर चले गये है। मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना, मुख्यमंत्री सड़क निर्माण, सांसद विकास निधि के कार्यान्वयन और सम विकास जैसी अनेक योजनाओं के काम ठप है। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन तंत्र पंगु और राजनीतिक अनिर्णय का शिकार है। इससे अधिकारियों का एक तबका जहां हताश हैं वहीं दूसरा मनमानी करने पर उतारु है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का अधिकारियों के स्तर पर निराकरण नहीं हो पा रहा है।

प्रशासन पर से मुख्यमंत्री का नियंत्रण समाप्त हो गया है जिससे पुलिस भी अनियंत्रित हो गयी है। मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास एक अणे मार्ग तक ही सिमट कर रह गये है। राज्य में बढ़ती नक्सली एवं आतंकी घटनाएं, जातीय-साम्प्रदायिक तनाव तथा आपराधिक घटनाओं में वृद्धि इस ओर इशारा कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार से भाजपा के अलग होने के महज माह हुए अनेक घटनाओं से यह साबित हो गया है कि बिहार सरकार की कार्यक्षमता जहां घटी है वहीं सरकार का मनोबल भी गिरा है। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बगहा गोली कांड मामले में संदिग्ध शिक्षक चंद्रेश्वर काजी की तलाश पुलिस अबतक नहीं कर पायी है। इस कांड में पुलिस ने बगैर किसी कारण के ही छह आदिवासियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी तथा 12 से अधिक लोगों को घायल कर दिया था।

उन्होंने कहा कि अपनी हर यात्रा की शुरुआत बगहा से करने वाले मुख्यमंत्री इन आदिवासियों को देखने भी नहीं गये। मोदी ने बोधगया विस्फोट ब्लास्ट की चर्चा करते हुए कहा कि इन धमाकों से सरकार की विफलता खुल कर सामने आयी है। पूर्व से खुफिया सूचना एवं एलर्ट रहने के बावजूद राज्य एवं केन्द्र सरकार दोनों ने ही सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती। उन्होंने कहा कि विस्फोट के कुछ माह पूर्व दिल्ली के पुलिस आयुक्त ने इंडियन मुजाहिदीन(आईएम) के आतंकी से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर खुलासा किया था कि महाबोधि मंदिर आतंकियों के निशाने पर है। खुफिया एजेंसियों ने राज्य सरकार को इस वर्ष के जून में ही एलर्ट भेजा था, लेकिन सरकार लापरवाह बनी रही।


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