तलवार दंपति को दोषी ठहराने में SC के एक फैसले का सहारा लिया गया

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Wednesday, November 27, 2013-10:30 AM

गाजियाबाद: आरूषि-हेमराज हत्याकांड में तलवार दंपति को दोषी ठहराने के लिए जैसे परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का सहारा लिया गया, वैसी ही स्थिति में उच्चतम न्यायालय ने 17 अन्य मामलों में आरोपियों को दोषी ठहराया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्याम लाल ने शीर्ष अदालत के पूर्व के फैसले का सहारा लेते हुए यह निष्कर्ष दिया कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य मंशा के अभाव में भी आरोपियों को दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त है।

न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा, ‘‘ घर में रहने वाले चुप रहकर और कोई स्पष्टीकरण नहीं देकर बच नहीं सकते कि मामला साबित करना पूरी तरह से अभियोजन पक्ष पर निर्भर है।’’ उन्होंने कहा कि यह सामान्य ज्ञान की बात है कि कई हत्याएं बिना किसी मंशा से की गई हैं और कई मामलों में अभियोजन आरोपियों की मन:स्थिति को साक्ष्य के रूप में पेश करने में विफल रहा लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उनकी ऐसी कोई मन:स्थिति नहीं रही होगी।

उन्होंने इस संबंध में विवेक कालरा बनाम राजस्थान सरकार के हाल के फैसले का जिक्र किया। इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के एक फैसले और हरियाणा एवं पश्चिम बंगाल के मामले में शीर्ष अदालत के दो और फैसलों का उल्लेख भी उन्होंने किया।


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