SC ने जानना चाहा क्यों जरूरी है 'आधार'

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Wednesday, November 27, 2013-1:28 PM

नर्इ दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 'आधार कार्ड' की सुविधाओं के लिए उन 11 राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए कहा है जिनकों इन सुविधाओं से लाभ होगा। इसके चलते सुप्रीम कोर्ट के जज बी. एस. चौहान की अगुआई वाली बेंच ने राज्यों से जानना चाहा कि आधार कार्ड स्कीम से क्या सुविधाएं मिल सकती हैं।

याचिकाकर्ता के वकील अनिल दीवान ने आधार कार्ड की अनिवार्यता को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार की ओर से लोगों का  प्राइवेट डाटा लिया जाना राइट टु प्राइवेसी में दखल देना  है। इस स्कीम से लोगों की प्राइवेसी में जबरदस्ती दखल दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आधार कार्ड की यह स्कीम पूरी तरह से मूल अधिकार में दखल है। आधार कार्ड सैलरी देने से लेकर स्कूल-कॉलेज में ऐडमिशन, मैरेज रजिस्ट्रेशन और एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है।

इतना ही नहीं  महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में कहा था कि अगर शादी के लिए आधार कार्ड नहीं होगा तो शादी रजिस्टर्ड नहीं होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने उस आदेश में बदलाव से इनकार कर दिया था जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार कार्ड सरकारी स्कीम के लिए अनिवार्य नहीं किया जा सकता। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए10 दिसंबर की तारीख तय की है। 


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