... आखिर किसकी झोली में जाएगा बदरपुर?

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Wednesday, November 27, 2013-8:10 PM

नई दिल्ली: दिल्ली विधान सभा में एक सीट ऐसी भी है जहां से आज तक कांग्रेस-भाजपा की झोली खाली रही है। बदपुर विधान सभा के 20 साल के इतिहास में आज तक यहां की जनता ने न तो कांग्रेस को जिताया और न ही भाजपा को।

आलम यह है कि जो भी प्रत्याशी कांगे्रस से लड़ा वह हार गया, लेकिन वही प्रत्याशी अगर दूसरी पार्टी से लड़ा तो जीता है। हालांकि इस विधान सभा पर 2 प्रत्याशियों, राम सिंह नेताजी और रामवीर सिंह बिधूड़ी, ने बारी-बारी कब्जा किया है।

इन विधान सभा चुनावों में विधान सभा का इतिहास बदल सकता है। दोनों धुरंधर प्रत्याशियों ने इस बार भाजपा और कांग्रेस का दामन थामा है। राम सिंह नेताजी कांग्रेस से तो रामवीर सिंह बिधूड़ी भाजपा से मैदान में हैं। पिछले आंकड़ों पर अगर गौर करें तो सबसे पहले इस सीट पर रामवीर सिंह बिधूड़ी ने जनता दल के टिकट से कब्जा किया था।

दूसरी बार निर्दलीय प्रत्याशी राम सिंह नेताजी ने रामवीर सिंह बिधूड़ी को हराकर सीट पर कब्जा किया। तीसरे विधान सभा चुनावों में राम सिंह नेताजी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े तो हार गए और नैशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मैदान मार लिया।

रामवीर सिंह बिधूड़ी के प्रदर्शन से खुश होकर कांगे्रस ने उन्हें 2003 के विधान सभा चुनावों में टिकट दिया तो इस बार राम सिंह नेताजी बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव जीत कर विधान सभा पहुंचे।


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