मुस्लिम इलाकों में राष्ट्रीय मुद्दे हावी

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Wednesday, November 27, 2013-11:44 PM

नई दिल्ली (सतेन्द्र त्रिपाठी): विधानसभा चुनाव के तहत मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में कुछ अलग ही फिजा नजर आ रही है। इन इलाकों में स्थानीय मुद्दे कहीं पीछे छूट गए है। राष्ट्रीय मुद्दों पर जमकर चर्चा हो रही है। यहां भाजपा के पी.एम. पद के प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी से लेकर गोधरा तक पर बहस का दौर जारी है।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फर नगर दंगों से लेकर बटला हाउस एनकाऊंटर को जमकर हवा दी जा रही है। इन राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ कई जगह पर निजी मामलों को तूल दिया जा रहा है। इन सब के चक्कर में विकास के मामला कहीं पीछे छूट गया है।

राजधानी के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में मटिया महल, बल्लीमरान, सदर बाजार, ओखला, सीलमपुर, मुस्तफाबाद, बाबरपुर एवं चांदनी चौक प्रमुख रूप से शामिल है। मटिया महल इलाके में जामा मस्जिद के पास ऐतिहासिक अकबराबादी मस्जिद के निर्माण के मामले पर भी माहौल गर्म है। इसका निर्माण कराने के लिए कुछ लोग एक प्रत्याशी को समर्थन देने की मुहिम भी चला रहे है।

सीलमपुर में तो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुए दंगों पर भी राजनीति हो रही है। चुनाव से पहले ही यहां पर भड़काऊ पोस्टर लगाकर माहौल को खराब करने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने मामला भी दर्ज किया था।  निगम चुनाव में तो इस मामले को जमकर भुनाया गया था। बल्लीमरान व सदर बाजार में भाजपा के विरोध में मोदी से लेकर गोधरा तक की याद दिलाई जा
रही है।

देर रात तक चलने वाले इन मुद्दों पर हो रहे प्रचार पर चुनाव आयोग भी कुछ नहीं कर सकता, क्योंकि इस तरह के मामले खुलेआम नहीं बल्कि चौराहों, पान व नाई की दुकानों सहित विभिन्न जगहों पर जमा होकर लोगों में चर्चा की जा रही है।


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