शंकर रमन हत्याकांड के फैसले को उच्च न्यायालय में देंगे चुनौती: आनंद

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Thursday, November 28, 2013-10:06 AM

कांचीपुरम: पुड्डुचेरी की एक अदालत द्वारा शंकर रमन हत्याकांड मामले में कांचि कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती और उनके भाई विजयेंद्र सरस्वती समेत सभी 23 आरोपियों को आज बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ शंकररमन के पुत्र आनंद शर्मा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। शंकररमन हत्याकांड के फैसले से निराश आनंद ने मीडियाकर्मियों से कहा कि यह फैसला मेरे लिये एक सदमे की तरह है। क्या मेरे पिता ने खुद अपनी जान ले ली।

 

वर्ष 2001 में जब मेरे पिता शंकररमन के खिलाफ मुकदमा चलाया गया तो उस समय वह चीन जाने वाले थे। इसी के बाद मेरे पिता का शंकर मठ से मतभेद हो गया था। पुलिस ने मेरे पिता के उन पत्रों को जब्त कर लिया था जिसमें उन्होंने मठ की गलतियों के बारे में लिखा था। मैं नहीं जानता कि उन पत्रों का क्या हुआ।

 

हमें भगवान पर भरोसा है और हम इस फैसले के खिलाफ उपरी अदालत जाएंगे। उल्लेखनीय है कि जयेंद्र सरस्वती पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाने वाले कांचि कामकोटि पीठ के प्रबंधक ए. शंकररमन की वर्ष 2004 में हत्या कर दी गई थी। उस साल तीन सितंबर को शंकररमन का शव कांचिपुरम के वरदराजपेरुमल मंदिर में मिला था।


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