स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं ने की भिखारियों की जबरन नसबंदी

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Thursday, November 28, 2013-10:54 AM

रायपुर: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने नसबंदी के लिए अपने कार्यकर्त्ताओं को  टारगेट दे रखा है। स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं को दिए गए नसबंदी टारगेट का खामियाजा दंतेश्वरी मंदिर के सामने भीख मांगने वाले दो भिखारियों को भी उठाना पड़ा। स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता दोनों को खून और त्वचा की जांच के बहाने अस्पताल ले गए और उनसे दो-दो सौ रुपये भी झटक लिए। सूत्रों के अनुसार मंदिर में दर्शन करने आए एक  मजदूर को भी छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं को मोटरसाइकिल पर बिठाया और अस्पताल ले गए वहां उसकी जबरन नसबंदी कर दी गई।

 

दोनों भिखारियों और दर्शन करने आए मजदूर ने बताया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता उनके पास आए और खून और त्वचा की जांच करने की बात कहकर अपनी मोटरसाइकिल में बिठा जिला अस्पताल ले गए और बारी-बारी से ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर उनकी  नसबंदी कर दी। जब उन लोगों की नसबंदी कर दी गई तब उन्हें बताया गया और इस बात को लेकर उनके बीच काफी विवाद भी हुआ। उन तीनों को नसबंदी कराने के एवज में 11-11 सौ रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी गई जिनमें से स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं उन तीनों से दो-दो सौ रुपए भी वसूल लिए।

 

वहीं दूसरी तरफ जिला के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डा. आनंद गोटा ने कहा कि भिखारियों की जबरन नसबंदी की खबर उन्हें मीडियाकर्मियों से मिली है लेकिन उनके पास अभी तक लिखित शिकायत नहीं पहुंची है। डा. आनंद गोटा ने  ने कहा कि वे अपने स्तर पर जांच करवा रहे हैं और अगर यह बात सही निकली तो दोषी कार्यकर्त्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


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