'गैरकानूनी थी सच्चर कमेटी, मुसलमानों की मदद करना था मकसद'

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Thursday, November 28, 2013-3:31 PM

अहमदाबाद: गुजरात के मुख्यमंत्री और बीजेपी के पीएम इन वेटिंग नरेंद्र मोदी की गुजरात सरकार ने मुसलमानों की स्थिति पर रिपोर्ट देने वाली सच्चर कमेटी को गैरकानूनी बता दिया है। सुप्रीम कोर्ट से गुजरात सरकार ने कहा कि राजेंद्र सच्चर कमेटी असंवैधानिक थी और इसका मकसद सिर्फ मुसलमानों की मदद करना था। मोदी सरकार ने यह बात अल्पसंख्यक छात्रों को मैट्रिक से पहले वजीफा दिए जाने की यूपीए सरकार की योजना के खिलाफ कही।

 

प्रदेश सरकार ने सच्चर कमेटी के आधार पर लागू की गई इस योजना को मनमाना और भेदभावपूर्ण बताया है। गौरतलब है कि इस योजना को लेकर गुजरात सरकार और केंद्र सरकार के बीच सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है। यह योजना 2005 में बनाई गई थी जिसकी गुजरात सरकार ने आलोचना की थी। वहीं केंद्र ने इस योजना को जरूरी बताते हुए गुजरात में मुसलमानों की बदतर स्थिति के लिए मोदी सरकार को दोषी बताया था।

 

प्रधानमंत्री ने मुसलमानों की आर्थिक-सामाजिक और शैक्षिक स्थिति जानने के लिए जस्टिस राजेंद्र सच्चर की अगुवाई में यह कमेटी बनाई थी. इसकी रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत में मुसलमान अनुसूचित जातियों और जनजातियों से भी बदतर हालात में हैं। योजना का 75 फीसदी खर्च केंद्र सरकार उठाती है. यह योजना प्रधानमंत्री के 15-सूत्रीय कार्यक्रम के तौर पर बनाई गई और 2008 में लागू हुई।


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