अब तारीख पर तारीख भुगतेगें बाबा रामदेव!

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Friday, November 29, 2013-10:41 AM

रुड़की: दूसरों को ईमानदारी की सीख देने वाले व विदेश से काला धन वापस लाने की राजनीति  करने वाले योगगुरू बाबा रामदेव राज्य सरकार के निशाने पर हैं। बाबा रामदेव पर अभी तक सरकारी-गैर सरकारी जमीनों को कब्जाने, स्टांप कम अदा करने और जमीन की खरीद फरोख्त में भारी अनियमितता करने के मामले में 83 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।

 जिला प्रशासन ने बाबा रामदेव द्वारा पंतजलि योगपीठ, पंतजलि आयुर्वेदिक संस्थान, पंतजलि विश्वविद्यालय समेत पंतजलि ओद्यौगिक इकाइयों के लिए नियम विरूद्व खरीदी गई जमीनों, अवैध रूप से कब्जाई गई जमीनों और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के 83 मामलों में प्रथम द़ष्टया आरोपी पाया है। जिस कारण बाबा रामदेव एंव उनके प्रतिष्ठानों के विरूद्व कानूनी शिकंजा कसने की पहल शुरू हो चुकी है।

जिला प्रशासन द्वारा की गई जांच में विभिन्न जमीनों की खरीद फरोख्त में दस करोड़ रूपये से ज्यादा की स्टांप चोरी का खुलासा हुआ है वहीं ढाई सौ बीघा से ज्यादा भूमि पंतजलि विश्वविद्यालय के लिए नियम विरूद्व खरीदी गई है। रुड़की व हरिद्वार की प्रशासनिक एंव राजस्व टीम द्वारा की गई पड़ताल में बाबा रामदेव पर भवन निर्माण के दौरान सरकारी नाली व चकमार्ग पर अवैध कब्जा करने और सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण करने का आरोप है। जिसके लिए जहां राजस्व रिकार्ड के तहत तीन मामले दर्ज कराए गये हैं वहीं रुड़की के उप निबंधक कार्यालय का रिकार्ड भी खंगाला गया है। बाबा रामदेव व उनकी संस्थाओं पर अभी तक 21 मुकदमे जमीन खरीदने में शर्तो का उल्लघंन करने व 23 मुकदमे जमीन को नियम विरूद्व खरीदने तथा 52 मुकदमे स्टांप शुल्क की चोरी करने के आरोप में दर्ज किए गए हैं। इसी के तहत आठ मुकदमे ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करने के आरोप में दर्ज होना बताए गए हैं।

जिससे स्पष्ट है कि बाबा रामदेव पर करीब एक सौ की संख्या में उक्त आरोपों के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं जिनके विचारण पर बाबा रामदेव को भविष्य में तारीख पर तारीख भुगतने के लिए भटकना पड़ सकता है। हांलाकि पंतजलि योगपीठ से जुडे एंव बाबा रामदेव के दाहिने हाथ आचार्य बाल कृष्ण का कहना है कि उन्हें उक्त मुकदमों में से अधिकांश की कोई जानकारी नहीं है। वे उक्त मुकदमों की बाबत नोटिस मिलने से भी इंकार कर रहे हैं लेकिन उन्होने बाबा रामदेव एंव उनकी संस्थाओं पर लगे आरोपों को एकसिरे से खारिज किया है और समय आने पर न्यायालय में समुचित जवाब दाखिल करने की बात कही है। वे इसे एक राजनैतिक षडयंत्र का भी एक हिस्सा बता रहे हैं। बहरहाल बाबा रामदेव को चारों से ओर से घेरने के लिए मुकदमों का चक्रव्यूह राज्य सरकार द्वारा तैयार किया गया है। अब देखना यह है कि बाबा रामदेव इस चक्रव्यूह से किस प्रकार बाहर आयेगें?


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