कांग्रेस के लिए अपने ही खड़े कर रहे मुश्किल

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Sunday, December 01, 2013-12:02 AM

नई दिल्ली (ताहिर सिद्दीकी): पूर्व और मौजूदा विधायकों में कांग्रेस का प्रत्याशी बनने के लिए छिड़ी जंग की परछाईं अब भी ओखला सीट पर बरकरार है। भले ही इस सीट से कांग्रेस ने मौजूदा विधायक को ही अपना उम्मीदवार बनाया है लेकिन इससे खफा होकर पूर्व विधायक और उनके समर्थकों ने पार्टी की चुनावी प्रक्रिया से किनारा कर लिया है।

जाकिर नगर से कांग्रेसी पार्षद ने बगावती तेवर अपनाकर पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ ताल ठोक दी है। ऐसे में इस बार कांग्रेस के लिए मुकाबला आसान नहीं होगा। आप की एंट्री से इस सीट पर चतुष्कोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। अवैध कॉलोनियों से भरमार वाले इस इलाके में मुख्य मुकाबला कांग्रेस, बसपा, जदयू व आप के बीच है।

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की कोशिशों से पार्टी हाईकमान ने पूर्व विधायक परवेज हाशमी की जगह हाल में राजद से आए मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद खान को अपना उम्मीदवार बनाया है। हाशमी मान रहे हैं कि आसिफ के जीतने का अर्थ है उनके राजनीतिक अस्तित्व की समाप्ति।

जाकिर नगर से कांग्रेस के पार्षद शोएब दानिश ओखला सीट से टिकट मांग रहे थे लेकिन टिकट नहीं मिला तो नाराज होकर दानिश ने जदयू का दामन थाम लिया। दानिश के प्रचार में स्थानीय कांग्रेस कार्यकत्र्ता भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। कांग्रेस ने उन्हें 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। उधर, शनिवार शाम बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोएब दानिश के समर्थन में रैली कर पूर्वांचल के लोगों को लुभाने की कोशिश की।

बहुजन समाज पार्टी के ब्रह्म सिंह, भाजपा के धीर सिंह बिधुड़ी, आप के इरफान खान और जदयू के शोएब दानिश खड़े हैं। इलाके की बदहाल सड़कें, अवैध कॉलोनियों में जलापूर्ति की समस्या, चरमराती सफाई व्यवस्था व खराब सीवर व्यवस्था यहां प्रमुख मुद्दे हैं।

आसिफ जहां खराब सड़कों का कायाकल्प करने, अवैध कॉलोनियों में जल बोर्ड का कनेक्शन लाने तथा सीवर लाइनों को दुरुस्त करवाने का वादा कर रहे हैं, वहीं विरोधी प्रत्याशी इसे थोथे वायदे बता रहे हैं।

 ओखला सीट पर अब तक कांग्रेस का दबदबा रहा है। करीब 43 प्रतिशत मुस्लिम वोटर वाले इस इलाके में गुर्जर आबादी भी खासी संख्या में है लेकिन निर्णायक भूमिका मुस्लिम मतदाता ही निभाते रहे हैं। 1993 में यहां से जनता दल के टिकट पर परवेज हाशमी चुनाव जीते थे लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए।

इसके बाद 3  चुनाव उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में जीते। मगर 2009 में राज्यसभा सदस्य बनने पर हाशमी ने ओखला सीट से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद हुए उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर आसिफ मोहम्मद खान ने चुनाव जीता।

उपचुनाव में यहां पर कांग्रेस प्रत्याशी को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। तब बसपा के ब्रह्म सिंह दूसरे नम्बर पर और कांग्रेस प्रत्याशी फरहाद सूरी तीसरे स्थान पर खिसक गए थे। आप के इरफान खान, बहुजन समाज पार्टी के ब्रह्म सिंह और जदयू का दामन थामने वाले  शोएब दानिश, आसिफ को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।


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