World AIDS Day: एड्स जनित रोगों से पिछले साल मरे थे 2.1 लाख बच्चे

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Sunday, December 01, 2013-11:20 AM

नई दिल्ली: आज विश्व एड्स दिवस है। एड्स कोई गंभीर बीमारी नहीं बल्कि एक गंभीर मुद्दा है जिस पर समझदारी से ही काबू पाया जा सकता है। एचआइवी, एड्स की जानकारी कितनी जरूरी इस विषय पर खुल कर विचार किया जाना काफी आवश्यक है।


एड्स एवं एड्स जनित बीमारियों से बीते वर्ष (2012) 2.1 बच्चों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा था। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ। बच्चों एवं एड्स की स्थिति पर इस वर्ष आई रिपोर्ट के अनुसार, 2012 में कम एवं मध्यम आय वाले देशों में सिर्फ 34 फीसदी एचआईवी पीड़ित बच्चों को ही इलाज मुहैया हो सका, जबकि इसी अवधि में उपचार पाने वाले एचआईवी पीड़ित वयस्कों का प्रतिशत 64 रहा।

एड्स के लिए कार्य करने वाली संयुक्त राष्ट्र संगठन ‘यूएनएड्स’ के कार्यकारी निदेशक मिशेल सिदिबे ने कहा, ‘‘यह रिपोर्ट हमें इस बात की याद दिलाता है कि एड्स मुक्त पीढ़ी उसे कहा जा सकता है, जिसमें जन्म लेने वाले सभी बच्चे एचआईवी मुक्त हों और बाद में भी एचआईवी मुक्त रहें। इसका आशय यह है कि एचआईवी पीड़ित सभी बच्चों के लिए उपचार की उपलब्धता हो।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘यह रिपोर्ट हमें यह भी याद दिलाता है कि हमारा एड्स कार्यक्रम महिलाओं के स्वास्थ्य एवं उनके कल्याण पर केंद्रित होना चाहिए।’’


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