गुजरात दंगे: नरेंद्र मोदी की भूमिका पर फैसला 26 दिसंबर तक टला

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Monday, December 02, 2013-5:52 PM

अहमदाबाद: गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी को फिलहाल राहत मिल गई है। गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में उनकी भूमिका पर फैसला 26 दिसंबर तक टल गया है। अहमदाबाद की मेट्रोपॉलिटन कोर्ट गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में नरेंद्र मोदी और अन्य को एसआईटी द्वारा क्लीनचिट दिए जाने को चुनौती देने वाली जाकिया जाफरी की याचिका पर 26 दिसंबर को फैसला सुनाएगी। जाकिया जाफरी दंगों के दौरान मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी की पत्नी है।

गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने 28 अक्तूबर को इस मसले पर फैसला सुनाना 2 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया था। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट बी. जे. गंगात्रा के समक्ष जाकिया जाफरी के वकील ने 18 सितंबर और एसआईटी ने 30 सितंबर को लिखित में अपने जवाब दाखिल किए थे।

गौरतलब है कि 28 फरवरी, 2002 को हुए दंगों के दौरान अहमदाबाद स्थित गुलबर्ग सोसायटी में  उग्र भीड़ ने कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी समेत 69 लोगों की हत्या कर दी थी। इस मामले की जांच के बाद एसआईटी ने नरेंद्र मोदी और अन्य को किसी भी साजिश से बरी कर दिया। जाकिया ने एसआईटी की इसी क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी है।

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