शोभन सरकार के आश्रम ने लिया RTI का सहारा

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Monday, December 02, 2013-10:23 AM

कानपुर : डौंडियाखेड़ा के उन्नाव जिले में खजाने की खुदाई बंद होने के करीब 15 दिन बाद शोभन सरकार के आश्रम ने आरटीआई का सहारा लिया है। 30 नवंबर को फतेहपुर और उन्नाव के डीएम को फीस के साथ एक लेटर भेजा गया है। इसमें खुदाई बंद करने से लेकर  केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री के पीएस के ई-मेल पर की गई कार्रवाई का भी ब्यौरा मांगा गया है। 9 अक्टूबर को आदमपुर गांव में जीएसआई से सर्वे कराने की मांग की गई थी। इसमें अब तक की कार्रवाई का विवरण मांगा गया है।

16 अक्टूबर को दोबारा पत्र भेजकर शोभन सरकार के निर्देशन में खनन कराने का अनुरोध किया था। इसकी अपडेट कार्रवाई उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया है। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री के पीएस ने 20 अक्टूबर को ई-मेल भेज आईएसएम, धनबाद और आईआईटी, कानपुर के वैज्ञानिकों से इसकी जांच कराने का भी अनुरोध किया था। टीम ने 24 अक्टूबर को क्षेत्र का आंशिक सर्वे भी किया था। इस पूरे मामले की कार्रवाई और सर्वे रिपोर्ट उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।

- एएसआई ने डौंडियाखेड़ा में जो खुदाई की थी, वह जीएसआई की रिपोर्ट के आधार पर हुई थी या एएसआई के बरसों से चल रहे रूटीन कामों के तहत?
- खनन बंद करने का क्या आधार था? किला एएसआई से संरक्षित है या नहीं।
- 9 अक्टूबर को भेजे गए लेटर, जिसमें कहा गया था कि सोना निकलने की कोई गारंटी नहीं है, उस पर क्या कार्रवाई हुई?

यूपी में उन्नाव के डौंडियाखेड़ा में बीती 18 नवंबर को आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने खुदाई का काम बंद कर दिया था। ये खुदाई करीब एक महीने चली थी। तब भी संत शोभन सरकार ने वहां सोना होने का अपना दावा दोहराते हुए कहा था कि विज्ञान को चुनौती है कि वो सोना आरबीआई के खाते में भेजने की शर्त माने बगैर सोना निकाल ले।


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