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दिग्गजों का दे दना दन

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Monday, December 02, 2013-11:33 AM

नई दिल्ली: दिसम्बर की सर्दी में दिल्ली की सियासत सरगर्म है। मतदान की तिथि नजदीक आने के साथ ही दलों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है। उनकी कोशिश है कि आखिरी वक्त में जनमत अपने पक्ष में कर लिया जाए ताकि दिल्ली के दुर्ग पर आधिपत्य की राह आसान हो जाए।

पहली बार मैदान में अडवानी
दिल्ली में रहने के बावजूद भाजपा के शीर्ष नेता लालकृष्ण अडवानी अभी तक प्रचार से दूरी बनाए हुए थे। आखिरी वक्त पर वह मैदान में आए और रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस और रैली को संबोधित किया।

पूर्वांचलियों पर नीतीश ने डाले डोरे
मतदान करीब आते ही बिहार के मुख्यमंत्री व जेडीयू के नेता नीतीश कुमार दिल्ली के चुनावी मैदान में उतर गए हैं। नीतीश अपनी सभाओं में पूर्वांचली मतदाताओं को रिझाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों पर निशाना साधते हुए नीतीश यह बताने से भी नहीं भूलते कि विकास का उनका मॉडल, गुजरात मॉडल से अधिक कारगर है। नीतीश की कोशिश है कि पहली बार उनकी पार्टी का दिल्ली में खाता खुले, ताकि वह दिल्ली की सियासत में भी अपनी पैठ बना सकें।

आप पर गरजे मोदी

गुजरात के मुख्यमंत्री एवं भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी की रैलियों में भीड़ को देखकर पार्टी नेता गदगद हैं। मोदी ने रविवार को भी कई चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए दिल्ली सरकार की जमकर आलोचना की और दिल्ली की जनता से कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। मोदी ने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा और लोगों को आश्वासन दिया कि भाजपा के सत्ता में आते ही महंगाई पर लगाम लगाई जाएगी।

शीला की 7 सभाएं

दिल्ली में कांग्रेस की स्टार प्रचारक एवं मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने रविवार को ताबड़तोड़ सात जगहों पर जाकर चुनावी सभाओं को संबोधित किया और अपने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में बाल्मीकि बस्ती भी पहुंचीं। बस्ती में लोगों से मुलाकात के दौरान वह न केवल काफी खुश दिखाई दीं, बल्कि उन्होंने महिलाओं के साथ भी अंतरंग बातचीत की। शीला जानती हैं कि पहली बार चुनौती पेश कर रही आप से निपटने के लिए उनका यह अभियान कारगर साबित हो सकता है।

माया आईं फार्म में
बसपा सुप्रीमो मायावती दो दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। शनिवार को उन्होंने तीन सभाओं को संबोधित किया तो रविवार को दो स्थानों सुबह त्रिलोकपुरी और दोपहर बाद द्वारका में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी सभाएं कीं। इस दौरान उन्होंने जहां कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यूपीए सरकार की गलत नीतियों की बखिया उधेड़ी, वहीं भाजपा को भी नहीं बख्शा। आप के बारे में वह कुछ खास नहीं बोलीं।

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