राजधानी में अब 2 रातें कहर की...

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Monday, December 02, 2013-11:41 AM

नई दिल्ली (अशोक शर्मा ): दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों के लिए मतदान में केवल 2 दिन शेष हैं। गत एक पखवाड़े से जारी चुनाव प्रचार सोमवार की शाम से थम जाएगा। उसके बाद रात और मंगलवार को प्रत्याशी केवल घर-घर जाकर प्रचार कर सकेंगे। ऐसे में हर प्रत्याशी अपनी जीत के लिए कोई कसर छोडऩा नहीं चाहता। इस फेर में शौक करने वालों की चांदी हो रही है। दावत तो चल ही रही थी और अब आखिरी 2 दिन शौक पूरे करने का भी समय आ गया है।

दिल्ली में 2 दिन बाद होने वाले चुनाव के इस सैमीफाइनल में अगली 2 रातें काफी कहर वाली होती हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि चुनाव से पूर्व इन्हीं 2 रातों में चुनाव का समीकरण बनता और बिगड़ता है। सभी प्रमुख दलों के प्रत्याशी इन 2 रातों में एकदम चौकस रहेंगे। प्रत्याशी और उनके समर्थक रात के समय घर-घर जाकर प्रचार करते हैं और अधिक से अधिक लोगों को अपने साथ जोडऩे का जुगाड़ करते हैं। याद रहे कि दिल्ली विश्वविद्यालय के हर साल होने वाले छात्रसंघ चुनाव में भी यही नजारा देखने को मिलता है और फिर यह तो दिल्ली विधानसभा का चुनाव है। विधायक बनने के बाद हालत तो क्या विधायक जी का चेहरा तक बदल जाता है।

नवोदय टाइम्स के साथ बातचीत में एक राजनीतिक दल के प्रत्याशी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगली 2 रातें कहर वाली रहेंगी। इस वजह से वह अगली 2 रात घर पर नहीं सोएंगे। कारण पूछने पर उनका कहना था कि पता चला है कई उम्मीदवार बस्तियों में रहने वाले लोगों में शराब बांटकर उनके शौक पूरे कर रहे हैं। वह यह नजारा अपनी आंखों से देखकर चुनाव आयोग में खुद इसकी शिकायत करेंगे। अब चुनाव प्रचार के साथ-साथ प्रत्याशी वोटरों को लुभाने के लिए भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

शनिवार और रविवार की बात करें तो दोनों दिन रूठों को मनाने और वोट बैंक को मजबूत करने के लिए दावत के साथ-साथ उनके शौक पूरे करने का काम भी जोरों पर रहेगा। आलम यह है कि पीने वालों को एक की जगह 6-6 बोतल या पेटी तक भिजवाई जा रही है।  हालत यह है कि शराब किसी की और नाम दूसरे का हो रहा है। इन दिनों वोट की जोड़-तोड़ के लिए कोई भी नेता बुरा नहीं बनना चाहता है, जिससे किसी के कहने से पहले ही उसके यहां बंदोबस्त कर दिया जाता है। इसके लिए कोड वर्ड तैयार किए गए हैं। चुनाव आयोग की नजरों से बचने के लिए प्रत्याशियों ने ठेकों पर बातचीत कर रखी है। लोगों को खुद अपने हाथ से शराब देने से बचने के लिए प्रत्याशियों के चंपू उन्हें पर्ची साइन कर दे रहे हैैं।

मात्र पर्ची दिखाने से लोगों को वोट के बदले शराब मुहैया कराई जा रही है। इससे पकड़-धकड़ का डर भी नहीं रहता है और इस बात का संतोष रहता है कि काम हो रहा है। रात में बिजली गुल होने का प्रत्याशी के समर्थक पूरा फायदा उठा रहे हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर लोगों के घर शराब पहुंचाई जा रही है। कई लोग तो सुबह की सैर भी वोट पाने के लिए कर रहे हैं। पार्क में घूमकर लोगों को उनकी मनपसंद चीज पहुंचाई जा रही हैं और माहौल अपने पक्ष में तैयार किया जा रहा है।


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