एक मुख्यमंत्री के लिए मैदान में 5 मुख्यमंत्री

  • एक मुख्यमंत्री के लिए मैदान में 5 मुख्यमंत्री
You Are HereNcr
Monday, December 02, 2013-12:44 PM

नई दिल्ली (सुनील पाण्डेय): देश के पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में सबसे खास राज्य है राजधानी दिल्ली, जहां एक मुख्यमंत्री के लिए पांच राज्यों के मुख्यमंत्री मैदान में उतर गए हैं। दिल्ली में 70 सीटों पर हो रहे घमासान के लिए सभी पांचों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दिन- रात एक कर दिया है।

सभी मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों के वोटरों को लुभाने और अपनी खुद की जमीन को बनाने के लिए राजधानी में खूंटा गाड़ दिया है। इनमें 2 मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के समर्थन में तो 2 मुख्यमंत्री भाजपा के हर्षवर्धन को जिताने की अपील कर रहे हैं। जबकि, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने प्रत्याशियों के लिए वोट मांग रहे हैं।

इन मुख्यमंत्रियों में हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहगुणा, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल शामिल हैं। हालांकि, दिल्ली के सबसे करीबी राज्य उत्तर प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव अभी तक दिल्ली नहीं प्रचार के लिए आए हैं। लेकिन, उनकी धुर प्रतिद्वंदी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा प्रमुख मायावती मैदान में डटी हुई हैं।

इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक राज्यों के सांसद, कैबिनेट मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, विधायक सहित सभी पार्टियों के वरिष्ठ नेता पिछले एक सप्ताह से दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। दिल्ली में चूंकि, सबसे आखिर में 4 दिसम्बर को मतदान होना है, इसलिए प्रचार के लिए दिल्ली के पास समय भी सभी से ज्यादा मिला। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की बात करें तो उनकी प्रतिष्ठा सबसे ज्यादा दांव पर है। उनकी पार्टी शिरोमणि अकाली दल के 4 प्रत्याशी दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। दो प्रत्याशी अकाली दल के चुनाव चिन्ह पर तो दो प्रत्याशी भाजपा के सिंबल पर मैदान में हैं।

दिल्ली में 10 से 15 लाख पंजाबी एवं सिख मतदाता हैं, जिसको लुभाने के लिए उनकी उपस्थिति अनिवार्य बन गई है। यही कारण है कि प्रकाश सिंह बादल अपने डिप्टी सीएम पुत्र (सुखबीर सिंह बादल) एवं सांसद बहू (हरसिमरत कौर) के साथ पिछले एक सप्ताह से दिल्ली में ताबड़तोड़ मीटिंग कर रहे हैं। दिल्ली के सबसे नजदीक वाला राज्य हरियाणा है, जहां के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी अपने सांसद पुत्र दीपेंद्र हुड्डा के साथ दिन-रात एक किए हुए हैं।

हरियाणा से सटे दिल्ली के सभी इलाकों में रहने वाले अधिकतर लोग हरियाणा से जुड़े हैं, इसलिए उनकी उपस्थिति भी दिल्ली के चुनाव के लिए बहुत मायने रखती है। चूंकि, मुख्यमंत्री हुड्डा दिल्ली में ही निवास करते हैं, इसलिए दिल्ली चुनाव में उतरकर वह अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे हैं। हुड्डा पिता-पुत्र उन्हीं इलाकों में ज्यादा बैठकें एवं रैलियां कर रहे हैं, जहां जाट-गुर्जर सहित हरियाणा के बाकी जातियों की रिहायश है। दिल्ली विधानसभा में प्रचार के बहाने उतरे भूपेंद्र हुड्डा पार्टी हाईकमान की अदालत में अपनी कुर्सी भी सुरक्षित कर रहे हैं।

तीसरे मुख्यमंत्री उत्तराखंड के विजय बहुगुणा हैं, जो पहाड़ी, गढ़वाली, उनियाल, गेंटुरा, कुंमाऊ मतदाताओं को लुभाने के लिए दिल्ली में उतर गए हैं। दिल्ली में उत्तराखंड के लोगों की संख्या 10 लाख से अधिक है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में बिखरे हुए हैं। बहुगुणा अपनी पूरी टीम के साथ दो दिनों से बैठकें कर शीला दीक्षित के समर्थन में वोट मांग रहे हैं।

चौथे मुख्यमंत्री हैं बिहार के नीतीश कुमार, जो पूर्वांचलियों के बीच उतर गए हैं। दिल्ली में चूंकि, 50 लाख पूर्वांचली रहते हैं और उनमें से 30 लाख से ज्यादा वोटर है, इसलिए इस वोट पर सभी की नजरें हैं। पूर्वांचली वोट पर वैसे तो कांग्रेस और भाजपा पहले से ही दावा करती आई है, लेकिन इस बार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पूरी तैयारी के साथ अपनी क्षेत्रीय वोट को बटोरने के लिए जुट गए हैं। नीतीश कुमार भी दिल्ली के उन्हीं इलाकों में जा रहे हैं, जहां पूर्वांचलियों का गढ़ माना जाता है। शनिवार को उन्होंने संगम विहार, ओखला और द्वारका सहित तीन रैलियां की थी। जबकि, रविवार को किराड़ी और बुराड़ी में सभाएं की।

पांचवे मुख्यमंत्री गुजरात के नरेंद्र मोदी हैं, जिन्हें भाजपा ने प्रधानमंत्री प्रत्याशी के रूप में उन्हें उतारा है। नरेंद्र मोदी दिल्ली में अब तक रैलियां कर चुके हैं। वह गुजराती वोटरों से वोट तो नहीं मांग रहे हैं,लेकिन, भाजपा में एकमात्र चेहरा होने के चलते दिल्ली में उनकी उपस्थिति उनकी मजबूरी भी बन गई है। चूंकि, दिल्ली ही देश की राजधानी है और यहीं से देश चलता है, इसलिए मोदी की ताबड़तोड़ रैलियां दिल्ली में बिखरी भाजपा को एकजुट करने में दवा का काम कर रही है। अब तक सिर्फ दिल्ली में 2 महीने के भीतर मोदी ने 6 बड़ी रैलियां की।
इन मुख्यमंत्रियों के उतरने से दिल्ली का राजनीतिक पारा भी गरम हो उठा है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You