आसान नहीं होगी जीत की राह

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Monday, December 02, 2013-4:05 PM

नई दिल्ली (धनंजय कुमार): इस बार के विधानसभा चुनाव में दिल्ली कैंट से मुकाबला कांटे का होने जा रहा है क्योंकि अधिकांश सैनिक मतदाताओं वाले इस विधानसभा क्षेत्र से भाजपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों के बीच जनता किसे चुनेगी इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है।  क्षेत्र में समस्याएं आज भी वही  हैं, जो पांच साल पहले थीं। वहीं महंगाई भी लोगों को काफी परेशान कर रही है, जिससे वर्तमान भाजपा विधायक व प्रत्याशी करण सिंह तंवर तथा कांग्रेस प्रत्याशी अशोक जैन के लिए जीत का सफर आसान नहीं होगा।

इनकी परेशानी को आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार और बढ़ा रहे हैं। सुरेंद्र कुमार ने मुबंई के ताज होटल पर हुए आतंकी हमले के वक्त कमांडो रहते डटकर सामना किया था और इस चुनाव में इसे मुद्दा बनाकर चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। ऐसे में सैनिकों का मन यदि सुरेंद्र की बहादुरी पर फिसलता है तो चुनाव परिणाम कुछ और ही होंगे लेकिन सुरेंद्र की राह इतनी भी आसान नहीं होने वाली है, क्योंकि भाजपा प्रत्याशी करण सिंह तंवर पिछले 3 बार से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं तो कांग्रेस इस क्षेत्र में पानी व सिविल इलाकों की समस्याओं को मुद्दा बना रही है।

यहां के सिविल इलाकों की सबसे बड़ी परेशानी अलग पहचान पत्र की है जिसके बिना सैन्य इलाके की सड़कों से गुजरना तो दूर झांकना भी संभव नहीं। नतीजा, लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर आना-जाना करना पड़ता है। शाम के सात बजे के बाद तो इन्हें बाजार जाने में भी दिक्कतें होती हैं। इसको लेकर सभी पार्टियां वादे तो कर रही हैं लेकिन कोई भी पहल नहीं कर रहा है। इसके आलावा पानी एक बड़ी समस्या है। यहां दिल्ली जल बोर्ड  का कनैक्शन न मिलने से टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जाता है।


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