मतभेदों के चलते निष्कासित किए गए शिवसेना सांसद रावाले

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Monday, December 02, 2013-7:31 PM

मुंबई: शिवसेना ने अपने वरिष्ठ नेता एवं पार्टी के सर्वाधिक बार सांसद रहे मोहन रावाले को मतभेदों के चलते सोमवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया। एक पार्टी प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। रावाले मुंबई से पांच बार सांसद रह चुके हैं। रावाले ने हाल ही में एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के नेतृत्व पर जमकर हमला किया और शिवसेना पर ‘दलालों की पार्टी’ होने का आरोप लगाया। इसके ठीक बाद रावाले को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने चार दिन पहले ही दिए एक सख्त बयान में साफ-साफ कह दिया था कि जिन्हें उनका नेतृत्व पसंद न हो वे पार्टी छोडऩे के लिए स्वतंत्र हैं। रावाले ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि शिवसेना अब ‘‘वह पार्टी नहीं रही, जैसी वह दिवंगत बाल ठाकरे के नेतृत्व में थी।’’ रावाले ने पार्टी नेतृत्व पर सीधा हमला करते हुए कहा, ‘‘यह पार्टी अब अपने संस्थापक, दिवंगत बाल ठाकरे के विचारों वाली नहीं रही। यह पूरी तरह बदल चुकी है, तथा दलालों और मध्यस्थों की पार्टी बन चुकी है।’’

रावाले को कभी दक्षिण मध्य मुंबई का शिवसेना के ‘अपराजित सिंह’ की संज्ञा दी गई थी। रावाले ने उद्धव ठाकरे के निजी सहायक मिलिंद नार्वेकर पर पार्टी को नष्ट करने का आरोप लगाया। रावाले ने कहा, ‘‘नार्वेकर के कारण ही लाखों कटिबद्ध शिवसैनिक पार्टी छोड़कर चले गए। उसने इस पार्टी को दलालों की पार्टी बना दी है।’’अपनी बयानबाजी पर पार्टी नेतृत्व से माफी मांगने वाले सवाल पर रावाले ने कहा, ‘‘मैं माफी नहीं मांगूगा।’’ रावाले के निष्कासन के कुछ ही देर बाद पार्टी कार्यालय के एक नेता ने कहा कि रावाले सिर्फ अच्छे दौर के दोस्त की तरह हैं, तथा इस तरह के लोगों के लिए शिवसेना में कोई जगह नहीं है।


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