अंजाम भुगतने को तैयार रहें लापरवाह अधिकारी : अखिलेश

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Tuesday, December 03, 2013-9:21 AM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को अचानक ही बांदा और फतेहपुर जिले का औचक निरीक्षण किया। अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री के काफिले से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान लापरवाही एवं कार्यों के प्रति शिथिलता बरतने वाले कई अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने निलंबित कर दिया।

निलंबित होने वाले अधिकारियों में लोक निर्माण विभाग के तीन, सिंचाई विभाग के दो तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, ऊर्जा विभाग तथा नलकूप विभाग के एक-एक अधिकारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने औचक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहने तथा अपने दायित्वों के प्रति रुचि न लेने के कारण बांदा के लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता निर्माण लालजी तथा अधिशासी अभियंता के के आहूजा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इन सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने सड़कों की खराब हालत के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव तथा प्रमुख मुख्य अभियंता से स्पष्टीकरण भी मांगा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही दिखाने, शासन की मंशा के अनुरूप कार्य न करने तथा जनता को विकास के लाभ मिलने में अड़चन डालने वालों के खिलाफ  सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को विकास का लाभ देने के लिए कटिबद्ध है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में विकास तथा कल्याण की विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बांदा के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद में चलाए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों के विषय में जानकारी ली। उन्होंने जिला चिकित्सालय, जिला कारागार एवं नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण भी किया।

मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर वार्डों का निरीक्षण किया और मरीजों एवं तीमारदारों से मिल रही दवाओं आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों को निर्देश दिए कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएं तथा किसी भी दशा में मरीजों को बाहर से दवा लाने के लिए पर्चा न बनाएं। इसके बाद उन्होंने मंडल कारागार एवं नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज में हो रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

बांदा के बाद फतेहपुर जिले के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि फतेहपुर शहर का कायाकल्प होगा, ताकि यहां के निवासियों को विकास का लाभ मिले। उन्होंने इस बाबत जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जनपद फतेहपुर के विकास के लिए कई कार्य कराए जाएंगे। जल्द ही इस जनपद की सड़कों की मरम्मत इत्यादि करवाकर सड़कों की समस्या समाप्त की जाएगी। उन्होंने शहर के सौंदर्यीकरण के लिए पार्क, तालाब, सड़कों को चिह्नित कर सुंदरीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद की प्रमुख सड़कों को फोरलेन करने का प्रस्ताव भी भेजा जाए। शहर के अंदर तीन से पांच किलोमीटर के प्रमुख मार्ग के निर्माण के लिए भी प्रस्ताव भेजा जाए। उन्होंने जिलाधिकारी से बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त की। जिला अधिकारी द्वारा सूचित किया गया कि लक्ष्य की पूर्ति कर दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर किसानों को शासकीय दर पर भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। 


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