राज्यसभा में उठा साइबर सुरक्षा का मुद्दा

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Tuesday, December 03, 2013-1:53 PM

नई दिल्ली: ब्राजील के राष्ट्रपति के ईमेल और दूसरे संदेशों की अमेरिकी एजेंसी द्वारा निगरानी किए जाने के मद्देनजर भारत के राजनेताओं और आम लोगों को इससे बचाने की मांग आज राज्यसभा में उठी।

शून्यकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी के तरूण विजय ने इस संबंध में एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित समाचार का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी द्वारा संचालित कार्यक्रम के तहत ब्राजील के राष्ट्रपति के ईमेल और संदेशों की जानकारियां जुटाई जा सकती है तो अमेरिकी एजेंसी की पहुंच भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, दूसरे बड़े राजनेता और आम लोगों तक क्यों नहीं हो सकती है।
 
उन्होंने इस पर सरकार से तत्काल रक्षात्मक उपाय करने की अपील करते हुए कहा कि गूगल, जीमेल और याहू जैसी कंपनियों के माध्यम से संदेशों के आदान-प्रदान के साथ ही सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों से भी व्यक्तिगत सूचनाए चुराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि देश में पर्याप्त संख्या में साइबर सुरक्षा विशषज्ञों की उपलब्धता नहीं होने से साइबर सुरक्षा और ही अहम हो गई है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन की सीमापार घुसपैठ से भी अधिक नुकसान देह है साइबर हमला। इसके माध्यम से आम लोगों के शयनकक्ष तक पहुंच आसान हो गई है। विजय के इस प्रस्ताव का अधिकांश दलो के सदस्यों ने समर्थन किया और सरकार से कारगर उपाय करने की मांग की।
 


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