स्पीक एशिया का मास्टर माइन्ड गिरफ्तार

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Tuesday, December 03, 2013-5:11 PM

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मल्टी लेवल मार्कीटिंग (एम.एल.एम.) स्पीक एशिया नाम की कंपनी की आड़ में लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के मास्टर मांइड को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान यू.पी. के शाहजहांपुर निवासी राम निवास पाल(40)के रूप में हुई है। 

इस कंपनी ने देश के अलग अलग राज्यों के करीब 24 लाखों से 2200 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की है। पुलिस इस मामले में राम सुमिरन पाल और उसके एक अन्य साथी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब गिरोह के मनोज समेत अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। राम निवास पाल अपने छोटे भाई राम सुमिरन पाल और मनोज के साथ मिलकर विदेशों से कई एम.एल.एम. कंपनियों का रजिस्टे्रशन कर भारत में रहने वाले करीब 24 लाखों लोगों को चुना लगा चुका है।

बेंगलुरू में भेष बदलकर रह रहा था राम निवास

अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राम सुमिरन से पूछताछ में पता चला था कि राम निवास पाल उसका बड़ा भाई है। वह इस धंधे का मास्टर माइंड था।  पुलिस उससे पूछताछ कर उसकी तलाश ही कर रही थी। इसी बीच पीतमपुरा निवासी रामबीर ने कंपनी के खिलाफ 24 लाख रुपए ठगे जाने की शिकायत की। अपराध शाखा ने इस मामले में एक नया मुकद्दमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि राम निवास पाल बेंगलुरू में हुलिया बदलकर रह रहा है। सूचना के बाद पुलिस ने वहां छापामार कर उसे दबोच लिया। राम निवास वहां पर अभय सिंह चंदेल बन कर रहा था। उसके पास से अभय सिंह चंदेल नाम की नकली आई.डी. भी बरामद हुई। राम निवास पाल एयर फोर्स में नौकरी कर चुका है। वह बी.एस.सी. करने के बाद 1981 में इंडियन एयर फोर्स में हैलिकॉप्टर विंग में तैनात हुआ लेकिन 2001 में उसने एयरफोर्स की नौकरी छोड़ दी। वह टीवी अभिनेता मिहिर विरानी के साथ काम कर चुका है। वह 2011 में 2200 करोड़ की ठगी कर फरार हो गया था।

कई राज्यों में दर्ज  हैं मामले
जांच के दौरान पता चला कि राम निवास के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा मुम्बई, आंध्रप्रदेश, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में मामले दर्ज हैं। मुम्बई पुलिस ने उसे वांटैड घोषित कर चुकी थी। पूछताछ में पता चला स्पीक एशिया कंपनी खोलने और लोगों को चुना लगाने का उसका दिमाग था। उसी ने मनोज के साथ मिलकर पूरी योजना तैयार की थी। मनोज की मदद से विदेशों में कंपनियों को रजिस्टर्ड करवाया गया था। इन लोगों ने सिंगापुर, हौलेंड, दुबई, इटली, ब्राजील में अपनी कंपनी रजिस्टर्ड करवाई थी। लोगों को जल्द से जल्द ज्यादा पैसा वापस करने का झांसा देकर कंपनी में पैसा लगवाते थे। एक साल के अंदर लोगों को अपने झांसे में फंसाने के लिए वह व्यापक स्तर पर सैमिनार का आयोजन करते थे।


 


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