सिर्फ उद्योगपतियों के बूते PM नहीं बन सकेंगे मुलायम: बेनी

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Wednesday, December 04, 2013-10:56 AM

लखनऊ: केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने आज उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार और निजी चीनी मिल मालिकों के बीच साठगांठ होने का आरोप लगाते हुए तंज कसा कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव उद्योगपतियों के बलबूते प्रधानमंत्री नहीं बन सकते।  वर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरे पूर्व मित्र (मुलायम) प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। उद्योगपति उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बना सकते। उनके लिये तो लोकसभा की दो सीटें जीतना ही मुश्किल होगा। यह आरोप नहीं बल्कि सचाई है कि सरकार और चीनी मिल मालिकों के बीच साठगांठ के कारण ही मिलों में गन्ना पेराई का काम देर से शुरु हुआ।’’  उन्होंने जोर देकर कहा कि पेराई में देरी से मिल मालिकों को ही फायदा होगा। अगर सरकार के पास इच्छाशक्ति होती और किसानों के हितों की फिक्र होती तो वह गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 300 रुपए प्रति क्विंटल घोषित करती।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि वह इस मुद्दे को गन्ना किसानों तक लेकर जायेंगे कि वह ‘सरकार की आंखें खोलने के लिये’ लखनउ में किसानों की शांतिपूर्ण पदयात्रा निकालने के लिये कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से अनुमति मांगेंगे और उस मुजाहिरे में शिरकत के लिये राहुल को न्यौता देंगे। राज्य सरकार पर पहले मुसलमानों को रुलाने के बाद अब गन्ना किसानों को तड़पाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा ‘‘मुजफ्फरनगर अभी तक शांत नहीं हुआ है और अब सरकार ने गन्ने की आग लगा दी है।’’ वर्मा ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव दरअसल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मित्र हैं। यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी दोस्त हैं। अपना प्रचार कराने के लिये दोनों मुम्बई की एक ही कम्पनी का इस्तेमाल करते हैं। यह इससे और पुख्ता होता है कि मोदी ने सपा की एक सांसद के पति को ब्रांड दूत बनाया है। 

केन्द्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि अपनी बात से पलटना मुलायम सिंह यादव की फितरत है। पहले वह जिन कम्प्यूटर का विरोध करते थे, उन्हें आज विद्यार्थियों को बांटते फिर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि मुलायम सिंह यादव ने गरीबों की लड़ाई लड़ी लेकिन अब वह बदल गये हैं। अब उनमें लोहिया या चरण सिंह का कोई प्रभाव नहीं दिखता, लेकिन मेरे अंदर वे सिद्धांत अभी जिंदा हैं।’’  यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में किसी अन्य दल से गठबंधन करेगी, उन्होंने कहा कि अभी उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है लेकिन कांग्रेस सूबे में 50 सीटें जीत सकती है जबकि सपा तमाम ताकत झोंकने के बावजूद मात्र दो सीटें ही जीत सकेगी। पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों के बारे में वर्मा ने दावा किया कि अगर कांग्रेस पांचों राज्यों में परचम लहरा दे तो आश्चर्य की बात नहीं होगी। उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक हिंसा से संरक्षण सम्बन्धी विधेयक संसद के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।

 


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