बिग बॉस: तनीषा ने मां तनुजा और बहन काजोल को लिखा खत

  • बिग बॉस: तनीषा ने मां तनुजा और बहन काजोल को लिखा खत
You Are HereNational
Wednesday, December 04, 2013-2:14 PM

मुंबई: बिग बॉस के घर में हाल ही में सभी घरवालों के परिवार से कोई-न-कोई मिलने के लिए आया लेकिन तनीषा मुखर्जी से मिलने न तो उनकी मां तनुजा आईं, न उनकी बहन काजोल और न ही उनके जीजा अजय देवगन। सुत्रों के मुताबिक तनीषा के घरवाले उनकी अरमान से बढ़ती नजदीकियों से नाराज हैं। वहीं इन सब से दुखी तनीषा ने अपनी मां और बहन को एक खत लिखा।

तनीषा ने अपने खत में लिखा कि मैं जानती हूं कि नेशनल टीवी पर मेरा रोना आपको अच्छा तो नहीं लगता होगा लेकिन मैं कमजोर नहीं ‌हूं। पर हां, आपके व्यवहार से मेरा दिल जरूर टूटा है। एंडी और काम्या की मां उनसे मिलने आए। इससे पहले गौहर की मां भी यहां आ चुकी हैं और उसकी बहन भी घर में उससे मिलने आई। संग्राम जी से भी मिलने पायल रोहतगी आईं। पर मुझे मिलने मेरे घर से कोई नहीं आया। मेरा दिल इस बात से टूटा है। एंडी और काम्या की मां ने जब उन्हें गले लगाकर प्यार किया।

मैं करियर में उन ऊंचाईयों को नहीं पा सकी जिसे काजोल दी आपने और अजय ने पाया। इससे तो अच्छा होता कि किसी साधारण परिवार में मेरा जन्म हुआ होता। मैं पूरी रात इस बात को सोचती रही। मैं आप सभी की तरह सफल फिल्मी कैरियर बनाना चाहती थी। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अगर मैं भी आपकी तरह बिग स्टार होती तो इस साधारण प्रतियोगिता वाले टीवी रियलिटी शो बिग बॉस में कभी भी नहीं आती। मैं यह भी सोचती हूं कि अगर मेरा जन्म कहीं किसी साधारण परिवार में हुआ होता तो निश्चित ही मुझे भी मिलने मेरे परिवार के लोग जरूर आते और मुझे गले लगाते।

मम्मा, मैं जानती हूं कि आपने खुले तौर पर नहीं कहा कि आप मेरे इस शो में आने के खिलाफ थीं क्योंकि यहां इस शो में आपकी लाइफ 24 घंटे एक खुली किताब की तरह होती है। मैं इस बात को समझती हूं। वैसे भी मैं इस शो से पहले कुछ खास नहीं कर रही थी। मैंने खुद से यह वादा किया था कि मैं इस बिग बॉस शो को एक चुनौती की तरह लूंगी। शो में यह सारा खेल है, जो अभी तक खेला जा रहा है और यह सबसे अलग भी है। यह एक कठिन यात्रा है। मैं अरमान जी के बारे में भी आपसे बात करना चाहती हूं। जिस क्षण मैंने अरमान को गले लगाया और उन्होंने मुझे बाहों में लिया, मुझे पापा की याद आई।

काजोल दीदी, जिस मन और आत्मा से आप और अजय बंधे हैं, वैसे ही मैं अरमान के साथ खुद को बंधा महसूस करती हूं। अरमान जी भी कहानी भी मेरे जैसी ही है। इंमोशनल हैं। एक सफल निर्माता-निर्देशक पिता के वह बेटे हैं, लेकिन खुद करियर में असफल। पर उनका दिल सोने का है। मां, मैं आपसे पहली बार बहुत लंबे अरसे से दूर हूं। लेकिन आपको हर पल बहुत याद करती हूं। पता नहीं यह मेरा खत आपको मिलेगा या नहीं, लेकिन अपने दिल की बात इसमें लिखकर मैं कुछ हल्का म‌‌हसूस कर रही हूं।
 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You