जहरीला भोजन खाने से परिवार के 5 लोगों की मौत

  • जहरीला भोजन खाने से परिवार के 5 लोगों की मौत
You Are HereNational
Wednesday, December 04, 2013-2:58 PM

बरहमपुर: ‘विषाक्त भोजन’ की संदिग्ध घटना में पति, तीन बेटों और एक बेटी को खो चुकी 60 वर्षीय सरोजिनी पाधी को ढांढस बंधाने के लिए पड़ोसियों के पास शब्द नहीं हैं। यह त्रासदी होने से पहले रविवार की सुबह तक पंडारा सड़क पर स्थित सरोजनी का घर एक खुशहाल परिवार था। उसके पति, तीन बेटों और बेटी ने तेज पेट दर्द की शिकायत की, जो जानलेवा साबित हुआ। सरोजनी का सबसे बड़ा बेटा प्रशांत सोमवार को बीमार पड़ा और वह एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रहा है।

इन सभी लोगों ने शनिवार रात को ‘चकुली पिट्ठा’ (एक ओडिशी भोजन) खाया था जबकि प्रशांत ने इसे रविवार सुबह खाया था। सरोजिनी ने यह भोजन नहीं खाया था। डॉक्टरों को संदेह है कि परिवार के सदस्यों की मौत भोजन की विषाक्तता से हुई है। इस घटना का ब्यौरा देने से इंकार करते हुए सरोजिनी ने बस यही कहा, ‘मेरे जीवन का अब कोई अर्थ नहीं रह गया।’ मृतकों के अंतिम संस्कार करने के लिए कोई भी पारिवारिक सदस्य मौजूद नहीं था। कुछ स्थानीय युवकों ने इसमें मदद की। इलाके के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, ‘एक खुशहाल परिवार दो दिनों में तबाह हो गया।’

सरोजिनी के बेटे फास्ट फूड और सॉफ्ट ड्रिंक के बिजनेस में थे जबकि उनकी बेटी, स्कूल छोड़ चुकी थी और घरेलू कामकाज में उनकी मदद करती थी। सरोजिनी के पति भूबनी पाधी बिजनेस में अपने बेटों की मदद किया करते थे। उनकी एक शादीशुदा बेटी शहर में पहुंच चुकी है जबकि बेंगलूर में रहने वाली एक अन्य बेटी के जल्दी ही यहां आने की संभावना है। एक पड़ोसी ने कहा, ‘पिट्ठा की लेई में किसी जहरीले कीड़े की वजह से संक्रमण फैल गया होगा।’

उसने बताया कि यह लेई खुले में काले उड़द और चावलों को पत्थरों से पीसकर तैयार की जाती है। डॉक्टर मौत की असल वजह का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक ए के बेहरा ने कहा, ‘मृतकों के विसरा का परीक्षण करने के बाद ही मौत की वजह बताई जा सकती है।’


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You