कर्मचारी ऐसे दबाव में न आएं जिससे प्रजातंत्र कमजोर हो: अजय

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Wednesday, December 04, 2013-3:55 PM

भोपाल: लोकतंत्र को मजबूत, स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाने में अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे राजनीतिक दलों के हितों की पूर्ति के लिए ऐसा कोई दबाव सफल न (न) होने दें जिससे मध्यप्रदेश में प्रजातंत्र की बुनियाद कमजोर हो और जनादेश का अपमान हो।

 

सिंह ने आज यहां जारी एक बयान में सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से अपील की कि मौजूदा सत्तारूढ़ दल प्रदेश की अब तक की सभी मान्य परंपराओं का लगभग अपमान कर उस जनादेश का भी इंतजार नहीं कर रहा जो लोकतंत्र का सबसे बड़ा निर्णय है। उन्होंने कहा कि हार के भय से सत्तारूढ़ दल मतगणना के तीन दिन पूर्व मंत्रिमंडल की बैठक और समीक्षा बैठक करके डाक मत-पत्र को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होने कहा कि आज भी 78 हजार कर्मचारियों-अधिकारियों के मत पडऩे बाकी हैं, ऐसी स्थिति में उन पर दबाव बनाने की यह फासीवादी सोच की शर्मनाक कोशिश है।

 

सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की सरकार आती-जाती है लेकिन तंत्र हमेशा शासन-प्रशासन को गतिशील बनाने के लिए मौजूद रहता है। उन्होने कहा कि प्रजातंत्र को मजबूत रखने, उसे स्वस्थ बनाने और निष्पक्षता से काम करने पर ही किसी भी तंत्र की साख टिकी होती है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव कराने से लेकर मतगणना तक अधिकारियों कर्मचारियों की कुशलता और निष्पक्षता से आज पूरे देश में चुनाव प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बना हुआ है।

 

सिंह ने कहा कि जनता की लोकतंत्र में इस गहन आस्था को कोई ठेस न (न) पहुंचे और उसे मजबूत बनाने में उसका उत्साह बना रहे, इसके लिए जरूरी है कि शासन-प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी दबाव रहित होकर लोकतंत्र के लिए जो जरूरी हो सिर्फ वही काम करें।


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