भाजपा ने गन्ना आयुक्त कार्यालय का किया घेराव

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Thursday, December 05, 2013-3:20 PM

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गन्ना किसानों के बकाये 2300 करोड़ रुपये से अधिक के तत्काल भुगतान की मांग को लेकर आज यहां गन्ना आयुक्त कार्यालय का घेराव किया और कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी के नेतृत्व में पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं ने गन्ना आयुक्त कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया और घेराव के लिए वहीं धरने पर बैठ गए।

बाजपेयी ने कहा कि चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 2300 करोड़ रुपये अधिक का बकाया है और सरकार की गलत नीतियों के कारण इस सत्र में भी करीब 900 करोड़ रुपये का बकाया हो जाएगा क्योंकि सरकार ने चीनी मिलों को 260 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान तत्काल करने को कहा है और 20 रुपये क्विंटल बाद में देने को कहा है।  बाजपेयी ने कहा कि 20 रपये प्रति क्विंटल के हिसाब से करीब 900 करोड रपये का नया बकाया हो जाएगा। सरकार गन्ना किसानों के बजाय चीनी मिलों का हित देख रही है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसान बेहाल हैं। इसी वजह से कर्ज से दबे लखीमपुर के किसान सत्यपाल सिंह को आत्महत्या करनी पड़ी।

उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के हित में पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। इस बीच भारतीय किसान यूनियन ने गन्ने का समर्थन मूल्य काफी कम बताते हुए आज चक्का जाम का ऐलान किया है। यूनियन का कहना है कि किसानों के हित में गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए ताकि किसान की कम से कम लागत निकल सके। यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मुजफ्फरनगर-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया है जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। इससे पहले चीनी मिल मालिकों ने कहा था कि वे 280 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक गन्ने का दाम एक किश्त में नहीं दे सकते इसलिए सरकार को इसके भुगतान की अनुमति दो किश्तों में देनी पड़ी। समझौते के अनुसार 260 रुपये तत्काल देना होगा और 20 रुपये क्विंटल बाद में। सरकार ने चीनी मिलों को चालू करने की अंतिम तिथि चार दिसम्बर दी थी।




 


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