अनुच्छेद 370 के नफेनुकसान पर साढ़े छह दशक बाद चर्चा क्यों नही: मोदी

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Friday, December 06, 2013-9:33 AM

पटना: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 को संविधान में अस्थाई और औपबंधिक लिखा गया है इसलिए इसके नफे-नुकसान पर साढ़े छह दशक के बाद चर्चा जरूर होनी चाहिए। मोदी ने आज यहां कहा कि संविधान के पार्ट 21 में जहां इस अनुच्छेद का उल्लेख है उसके प्रारंभ में भी साफ तौर पर यह अस्थाई प्रावधान लिखा गया है। अनुच्छेद 370(तीन) में राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि वह अधिसूचना के जरिए इस अनुच्छेद को संशोधित कर सकते है या वापस ले सकते है।

उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने इसे न बदलने और अनंत काल तक जारी रखने का यदि ऐसा कोई वचन दिया होता तो संविधान में ऐसा लिखा हीं नहीं जाता। उन्होंने कहा कि इसी अनुच्छेद की वजह से जम्मू कश्मीर का आज भी अलग झंडा और अलग संविधान है। संसद से पारित कानून को जब तक जम्मू-कश्मीर विधानसभा की सहमति नही मिल जाए वहां लागू नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जिस संविधान का हवाला दिया जा रहा है उसी में जब ये उल्लेखित है कि अनुच्छेद 370 अस्थाई और औपबंधिक है तो इसके नफे-नुकसान को लेकर साढ़े छह दशक बाद भी चर्चा क्यों नहीं होनी चाहिए।


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