मीडिया पर भड़के जस्टिस गांगुली, कहा- 'मुझे परेशान न करें'

  • मीडिया पर भड़के जस्टिस गांगुली, कहा- 'मुझे परेशान न करें'
You Are HereNational
Friday, December 06, 2013-4:34 PM

कोलकाता: उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ए. के. गांगुली ने कानून की एक इंटर्न की यौन उत्पीडऩ की शिकायत पर उच्चतम न्यायालय पैनल से दोषी ठहराए जाने के आलोक में पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की तेज होती मांग पर आज कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

गुस्से में दिख रहे गांगुली ने कहा, ‘‘मुझे परेशान नहीं करें ... मुझे परेशान नहीं करें। मैंने बहुत सहा है।’’  पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिख कर उच्चतम  न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश के ‘‘गंभीर कदाचार’’ के खिलाफ तत्काल ‘‘उचित कार्रवाई’’ करने का आग्रह किया था।

उच्चतम न्यायालय के तीन न्यायाधीशों की एक समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची कि न्यायमूर्ति गांगुली के खिलाफ शिकायत करने वाली कानून की इंटर्न के बयान ने प्रथम दृष्टया अवकाशप्राप्त न्यायाधीश की ओर से ‘‘अवांछनीय व्यवहार की कार्रवाई’’ और ‘‘यौनिक प्रकृति का आचार’’ प्रकट किया है।
 
वहीं, दिल्ली पुलिस ने उच्चतम न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश न्यायामूर्ति ए. के. गांगुली पर यौन उत्पीड़ऩ का आरोप लगाने वाली कानून की इंटर्न से कहा है कि वह आगे आए और इस मामले में शिकायत दर्ज कराये।  पुलिस उपायुक्त(नई दिल्ली) एस. बी. एस. त्यागी ने बताया, ‘‘हमने मामले में कोई प्राथमिकी दायर करने और अपना बयान दर्ज कराने के लिए महिला को एक ईमेल भेजा है। पीड़िता के आगे आने के बाद आगे की कार्रवाई का फैसला किया जाएगा।’’ 

त्यागी ने इनकार किया कि दिल्ली पुलिस ने मामले में कोई कानूनी राय मांगी है।  इससे पहले दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय के पूर्व प्रोफेसर एस. एन. शर्मा ने इस संबंध में  प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तिलक मार्ग के पुलिस थाना प्रभारी को एक लिखित शिकायत दी थी।
 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You