कार्रवाई के दौरान कोर्ट में खड़े रहने की सजा दी

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Friday, December 06, 2013-12:06 PM

नई दिल्ली: वर्ष 2010 में एक निजी एयरलाइंस में आतंकी के सवार होने के संबंध में फर्जी कॉल करने वाले एक 60 वर्षीय बुजुर्ग को दिल्ली की एक अदालत ने दोषी करार देते हुए उसे कोर्ट की कार्रवाई खत्म होने तक कोर्ट में खड़े रहने की सजा दी। बुजुर्ग ने फोन करके कहा था कि एक आतंकी विस्फोटक के साथ फ्लाइट में सवार हुआ है और वह विस्फोटक को अंजाम देना चाहता है।

महानगर दंडाधिकारी जगमिंद्र सिंह ने आरोपी बुजुर्ग राज बजाज को इस मामले में सजा दी है क्योंकि उसने प्ली बार्गेङ्क्षनग के तहत खुद अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता व आई.टी. एक्ट की धाराओं के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने कहा कि आरोपी 30 हजार रुपए मुआवजा इंडिगो एयरलाइंस के सिक्योरटी मैनेजर निलेश मदुरवार व 25 हजार रुपए मुआवजा दिल्ली सरकार को दे।

अदालत ने कहा कि मामले के तमाम तथ्यों को देखते हुए आरोपी को यह सजा दी गई है। अदालत ने आरोपी पर एक हजार रुपए जुर्माना भी किया है। एयरलाइंस के मैनेजर ने अपनी शिकायत में कहा था कि 3 सितम्बर 2010 को सिंह ने इंडिगो एयरलाइंस के कार्यालय में फोन करके बताया कि उसे सूचना मिली है कि कुछ आतंकी फ्लाइट 6 ई 309, जो लखनऊ से उडऩे वाली है, में घुस रहे हैं। उनके पास विस्फोटक है। इस संबंध मेें डोमेस्टिक एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

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