फारुख अब्दुल्ला के विवादित बयान पर कविता कृष्ममूर्ति की तीखी प्रतिक्रिया

  • फारुख अब्दुल्ला के विवादित बयान पर कविता कृष्ममूर्ति की तीखी प्रतिक्रिया
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Friday, December 06, 2013-5:12 PM

नई दिल्ली:
फारूक की ‘अनुचित’ टिप्पणी की चौतरफा आलोचना
नई दिल्ली: दलगत रानजनीति से उपर उठते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों ने केन्द्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला के उस विवादास्पद बयान की घोर निंदा की है जिसमें उन्होंने कहा है कि महिला निजी सचिवों को रखना जोखिम का काम हो गया है, क्योंकि किसी ने अगर यौन शोषण की शिकायत कर दी तो जेल की हवा खानी पड़ सकती है।

कांग्रेस नेता और महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने संसद भवन परिसर में फारूक की टिप्पणी पर संवाददाताओं से कहा, हमारे संविधान में दोनों लिंगों के लोगों को बराबर के अधिकार हैं, लेकिन अभी तक महिलाएं भय का जीवन जी रही हैं। अगर किसी को ऐसा लगता है :जो फारूक ने कहा: तो मानसिकता बदले जाने की जरूरत है। 

भाजपा की नेता स्मृती ईरानी ने फारूक की बात पर हैरानी जताते हुए कहा कि एक वरिष्ठ मंत्री की ओर से ऐसा बयान आना सर्वथा ‘‘अनुचित’’ है। उन्होंने कहा कि मंत्री के बयान से ऐसा लगता है मानों महिलाओं को कार्य पर रखना उन पर कोई कृपा करना है और उनका अपमान किया जा सकता है। स्मृति ने कहा, लोगों को यह समझना चाहिए कि यह बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है और ऐसा कोई संकेत नहीं देना चाहिए कि ‘‘अगर कोई महिला कार्यस्थल पर अपने अधिकारों के लिए बोलती है तो उसे खतरे की बात माना जाए।’’ 

माकपा नेता बृंदा कारत ने कहा, ‘‘एक मंत्री की तरफ से ऐसे समय इतना गैर-जिम्मेदाराना बयान आया है जब देश इस तथ्य से स्तब्ध है कि उच्च पदों पर बैठे लोग अवांछित यौन शोषण का प्रयास करते हैं।’’

कारत ने कहा फारूक जैसे बयानों का यही आशय यह है कि महिलाओं को यौन शोषण के खिलाफ शिकायत नहीं करनी चाहिए और अगर वह ऐसा करती हैं तो उन्हें नौकरी खोनी पड़ेगी।


अब्दुल्ला के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने ट्वीट कर कहा 'उनके (फारुख अब्दुल्ला) गुस्से वाले बयान को बैड जोक बोलकर उमर आप इस मुद्दे को हल्के में ले रहे हैं। ये महिलाओं के लिए खतरा है। हमें नहीं चाहिए सेक्सीएस्ट मिनिस्टर्स।'

वहीं टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा, 'उन्होंने ये क्या कह दिया! वो सीनियर पब्लिक फिगर हैं और एक बेटी के पिता भी... मैं अभी भी शॉक में हूं कि उन्होंने ऐसा कहा! मुझे लगता है कि उनके बेटे ने उन्हें माफी मांगने की सलाह दी और उन्हें ऐसा करना भी चाहिए।'

फारुख अब्दुल्ला के विवादित बयान पर टिप्पणी देते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि वो एक वेस्टर्न यूरोपियन मुस्लिम हैं। हम हिंदू हैं जो देवियों की पूजा करते हैं। मुझे लगता है कि फारुख हंसमुख इंसान हैं, उनके साथ इतना कठोर होने की जरूरत नहीं हैं।

फारूक ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘इन दिनों हालात ऐसे हो गए है कि लड़कियों से बात करते डर लगता है। हमें लगता है कि महिला को सचिव नहीं रखना चाहिए। खुदा ना करे, अगर कोई शिकायत हो गई तो हमें जेल की हवा खानी पड़ सकती है।’’  इस टिप्पणी पर और तो और उनके बेटे जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी कहा कि फारूक को माफी मांगनी चाहिए। इस पर विवाद को शांत करने की कोशिश में फारूक ने कहा कि अगर वह कुछ गलत कह गये हैं तो उन्हें उसका अफसोस है। ‘‘मेरा ऐसा आशय कतई नहीं था, जैसा जनता ने महसूस किया है।’’
 


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