गांगुली दोषी हों या ना हों, पद से हट जाना चाहिए: सोनी

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Friday, December 06, 2013-1:55 PM

नई दिल्ली: यौन उत्पीडऩ संबंधी इंटर्न की शिकायत पर उच्चतम न्यायालय के एक पैनल द्वारा शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीय एक के गांगुली को ‘‘आवांछित आचरण’’ का दोषी ठहराए जाने पर कांग्रेस नेता अंबिका सोनी ने आज कहा कि नैतिकता का तकाज़ा यही है कि ऐसे में उच्च पदों पर आसीन लोग चाहे दोषी हों या ना हों, उन्हें अपने पद से हट जाना चाहिए। सोनी ने यहां संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘आवांछित आचरण के आरोप का इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आप सेवा में हैं या रिटायर हो गए हैं। इससे आरोप नहीं बदल जाता है।’’ 

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थितियों में उच्च पदों पर आसीन लोगों से उम्मीद की जाती है कि वे उच्च नैतिक मानदंडों का परिचय दें। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अगर कोई व्यक्ति उच्च पद पर आसीन है तो अगर वह यह महसूस भी करता है कि उसने कुछ गलत नहीं किया है, उसे पद से हट जाना चाहिए, इससे उसका नैतिक कद बढ़ता है बजाए घटने के।’’ इंटर्न द्वारा मामले का खुलासा किए जाने पर उच्चतम न्यायालय की ओर से गठित तीन जजों की समिति ने कल गांगुली को ‘‘आवांछित और यौन प्रकृति के आचरण’’ का दोषी करार दिया है। पैनल की रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने के बाद गांगुली के विरुद्ध आपराधिक कानून के तहत कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। एक साल से पहले शीर्ष अदालत से रिटायर हुए न्यायमूर्ति गांगुली अभी पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष हैं। उन्होंने उन पर लगाए गए आरोपों का पूरी तरह खंडन किया है।
 


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