दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री से मिले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह

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Friday, December 06, 2013-4:56 PM

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश को सर्व शिक्षा अभियान, मिड-डे मील योजना, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और इंदिरा आवास योजना जैसी सभी केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में उत्तर पूर्वी राज्यों की तर्ज पर 90:10 के अनुपात में एक समान वित्तपोषण प्रदान किया जाए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश को विभिन्न केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत अलग-अलग मापदंडों के आधार पर धनराशि उपलब्ध करवाई जा रही है, जो कि उत्तर पूर्वी राज्यों को प्रदान किए जा रहे वित्तपोषण से काफी कम है। उन्होंने आग्रह किया कि सभी केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों को वर्तमान योजनाओं के दिशा-निर्देशों को संशोधित करने और हिमाचल प्रदेश सहित सभी विशेष श्रेणी राज्यों के लिए एक समान मानक अपनाने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए मामलों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि वित्त मंत्रालय हिमाचल को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हर संभव वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाएगा ताकि प्रदेश में विकास प्रक्रिया में तेजी लाकर सभी क्षेत्रों का पूर्ण विकास सुनिश्चित बनाया जा सके।     

वर्ष 2020 तक बहाल हो विशेष आर्थिक पैकेज
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से अनुरोध किया कि हिमाचल प्रदेश के विशेष आर्थिक पैकेज को वर्ष 2020 तक बहाल किया जाए ताकि प्रदेश में औद्योगिकीकरण की प्रक्रिया को गति प्रदान कर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जा सके और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित हो सकें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत अधोसंरचना में सुधार लाने के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया है ताकि निजी क्षेत्र के उद्यमियों को प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए आकॢषत किया जा सके। उन्होंने कहा कि विशेष औद्योगिक पैकेज को जारी रखने का प्रस्ताव औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग के विचाराधीन है तथा योजना आयोग ने 12वीं पंचवर्षीय योजना में विशेष श्रेणी राज्यों में औद्योगिक पैकेज के विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है।

जारी हो 2100 करोड़ रुपए
वीरभद्र सिंह ने वार्षिक योजना 2013-14 के वित्तपोषण के लिए एस.पी.ए/एस.सी.ए के 2100 करोड़ रुपए जारी करने की मांग की ताकि प्रदेश में विकास की गति को तेज किया जा सके। उन्होंने कहा कि 13वें वित्तायोग की प्रतिकूल अनुशंसा के कारण हिमाचल प्रदेश को 10,725 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा, क्योंकि 13वें वित्तायोग ने वेतन, पैंशन इत्यादि की प्रदेश की प्रतिबद्घ देनदारियों को कम करके आंका था।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को केवल 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्राप्त हुई, जबकि अन्य सभी राज्यों को औसत 126 प्रतिशत की बढ़ोतरी मिली। उन्होंने मांग की कि बचत एवं अनुपूरक बजट प्रावधान के माध्यम से अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवा कर प्रदेश को समुचित राशि उपलब्ध करवाई जाए।
 


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