मंडेला के लिए गांधी थे रंगभेद विरोधी आंदोलन के मसीहा : कलाम

  • मंडेला के लिए गांधी थे रंगभेद विरोधी आंदोलन के मसीहा : कलाम
You Are HereNational
Friday, December 06, 2013-7:27 PM

नई दिल्ली: पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने नेल्सन मंडेला के निधन पर शोक जताते हुए आज कहा कि उन्होंने हमेशा महात्मा गांधी को दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद विरोधी आंदोलन का मार्गदर्शक माना। कलाम ने अपने लंबे शोक संदेश में अपनी दक्षिण अफ्रीका की यात्रा को याद किया और कहा कि युवा दो जगहों से बड़ा सबक सीख सकते हैं। एक रॉबन आइलैंड जहां मंडेला 26 साल तक जेल में रहे और दूसरा उनका घर। उन्होंने कहा कि इन दो स्थानों से अदम्य भावना और क्षमा का गुण सीखा जा सकता है।

कलाम के मुताबिक उन्होंने मंडेला से जोहानिसबर्ग में उनके घर पर उस वक्त मुलाकात की थी जब मंडेला की उम्र 86 साल थी। कलाम के लिए यह एक बड़ी घटना थी। कलाम के मुताबिक मंडेला ने उनसे कहा था, ‘‘भारत ने हमें महात्मा गांधी दिए। हमने दो दशक बाद महात्मा गांधी को आपको वापस दिया। महात्मा गांधी अहिंसा के दूत थे।’’ कलाम ने मंडेला के व्यक्तित्व का बखान करने के लिए कवि संत तिरवल्लुवर की पंक्तियों का उल्लेख किया कि ‘‘जो आपके साथ बुरा करते हैं, उनके लिए सबसे अच्छी सजा है कि उन्हें अच्छाई दो।’’

पूर्व राष्ट्रपति ने रॉबन आइलैंड की अपनी यात्रा का भी स्मरण किया जहां मंडेला 26 साल तक जेल में रहे थे। कलाम ने कहा, ‘‘मैं एक छोटे से कमरे को देखकर दंग था जहां सोने के लिए और मानवीय जरूरत की अन्य सुविधाएं भी नहीं थीं। याद रखने वाली बात है कि 6 फुट लंबे नेल्सन मंडेला रंगभेद के खिलाफ लड़ते हुए 26 साल तक उस कमरे में कैद रहे थे।’’ उन्होंने बताया कि इसी समय में उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘ए लांग वॉक टू फ्रीडम’ लिखी।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You