लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस लापरवाह नहीं : सिंह

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Friday, December 06, 2013-11:52 PM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि वे लालफीताशाही, कर कानूनों और प्रकियाओं के प्रति कारोबार जगत के अग्रणी लोगों की नाराजगी को वे समझते हैं, लेकिन सुधारों पर राजनीतिक सहमति के अभाव के कारण इसका समाधान कठिन है। एचटी लीडरशिप सम्मेलन के प्रश्नोत्तर सत्र में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस लापरवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा विरोधी विधेयक वोट हासिल करने का हथकंडा नहीं है और यह हिंसा के दौरान पैदा होने वाली पथभ्रष्टता पर नियंत्रण करने में मददगार होगा।

मनमोहन ने सरकार के इस प्रस्तावित विधयेक के बारे में कहा, ‘‘यह वोट पाने का हथकंडा नहीं है। मुझे लगता है कि पिछले पांच-छह सालों से हम देश के कुछ या अन्य हिस्सों में सांप्रदायिक हिंसा की समस्या से जूझ रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी कोशिश ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिससे अधिकारी प्रभावपूर्ण एवं मानवीय तरीके से कानून एवं व्यवस्था पर नियंत्रण रखने के लिए जिम्मेदार होंगे।’’ प्रधानमंत्री ने तमाम विरोधों पर शुक्रवार को कहा कि अगर दंगे रोके नहीं जा सकते, तो पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सरकार सांप्रदायिक हिंसा पर रोकथाम के लिए अधिक जवाबदेह माहौल बनाना चाहती है।

सिंह ने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि ये दो मूल सिद्धांत हैं जो सांप्रदायिक हिंसा विरोधी विधेयक के उद्देश्य हैं। मुझे लगता है कि इस विधेयक को लाने का समय आ गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुजफ्फरनगर और देश के अन्य हिस्सों में जो हुआ, वह इस बात की याद दिलाता है कि भले ही हम अपने लोगों की सुरक्षा में अपनी योग्यता पर गर्व महसूस करें लेकिन अभी भी रास्ते से भटकाव की स्थिति पैदा होती है।’’ मनमोहन ने कहा कि अगर यह विधेयक संसद में पारित हो जाता है, तो यह इस भटकाव की स्थिति पर नियंत्रण रखेगा।

प्रधानमंत्री का यह बयान प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी द्वारा पेश की गई चुनौती के संबंध में पूछे गए पश्न के जवाब में आया है। मोदी ने कहा था कि यह विधेयक ‘‘गलत भावना से बेहद खराब तरीके से बनाया गया तबाही का नुस्खा है।’’ मोदी ने इस विधेयक को संविधान में शामिल करने से पहले प्रधानमंत्री से राज्यों और विभिन्न संबंधित प्राधिकारों से सर्वसम्मति प्राप्त करने का अनुरोध किया है।

मोदी की चुनौती के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘एक व्यवस्थित पार्टी होने के नाते हम देश की सत्ता को हिला देने में विपक्ष की ताकत को कम नहीं आंक सकते। अत: मैं उन लोगों में शामिल हूं जो हमारे विपक्ष को बेहद गंभीरता से लेता है। यहां आत्मसंतोष के लिए कोई जगह नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरे आत्मविश्वास के साथ 2014 लोकसभा चुनाव की तरफ बढ़ रहा है और हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के जो भी परिणाम निकले, उससे गलत मतलब नहीं निकालना चाहिए।


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