आसाराम के इलाज के लिए आयुर्वेद विवि का मेडिकल बोर्ड गठित

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Saturday, December 07, 2013-3:51 PM

जोधपुर: नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीडऩ़ के आरोप में यहां सेंट्रल जेल में बंद कथावाचक आसाराम की त्रिनाड़ी शूल बीमारी के इलाज के लिए सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति ने मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया है। तीन सदस्यों के बोर्ड ने आसाराम को सादा भोजन करने की सलाह देते हुए दर्द निवारक दवाएं लिखी हैं।

साथ ही पंचकर्म विधि से इलाज की सलाह दी है। सेशन न्यायाधीश ;जोधपुर जिलाद्ध के आदेशानुसार आसाराम की त्रिनाड़ी शूल बीमारी के इलाज के लिए जेल प्रशासन ने करवड़ स्थित आयुर्वेद विवि के कुलपति प्रोण्राधेश्याम शर्मा से बात की। इस पर कुलपति प्रोण्शर्मा ने आसाराम की बीमारी का इलाज मेडिकल बोर्ड से करवाने पर सहमति देते हुए मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ अरुण त्यागीए पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ महेश शर्मा व डायटीशियन डॉ जयसिंह को मेडिकल बोर्ड में शामिल करते हुए सेंट्रल जेल में आसाराम का इलाज करने भेजा।

इस दौरान बोर्ड ने उन्हें चिकनाहट वाली चीजें खाने से परहेज करने के लिए कहा है। साथ ही उनको पैर में होने वाले दर्द और सिर दर्द अनंतवातद्ध दूर करने के लिए दवाएं लेने की सलाह दी है। इस दौरान बोर्ड ने उनको पंचकर्म करवाने का भी सुझाव दिया है। आसाराम के पंचकर्म का इलाज जेल में होगा या विवि की चिकित्सा इकाई में इसका फैसला जेल प्रशासन करेगा। जेल प्रशासन के मैन्युअल के अनुसार सेंट्रल जेल में एलोपैथी पद्धति से इलाज संभव हैए इसलिए जेल प्रशासन ने आयुर्वेद विवि से आग्रह किया है। आयुर्वेद विवि के कुलपति के अनुसार दिमाग में कुल बारह नाडिय़ां होती हैं। आसाराम के दिमाग की पांचवीं नाड़ी में सूजन है। इसे अनंतवात कहते हैं और अनंतवात को ही त्रिनाड़ी शूल कहा जाता है।


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