सत्ता परिवर्तन से घबराईं बिजली कंपनियां

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Monday, December 09, 2013-2:26 PM

वेस्ट दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों ने जहां भारतीय जनता पार्टी (बी.जे.पी.) और आम आदमी पार्टी (ए.ए.पी.) की चमक बढ़ा दी है। वहीं, दिल्ली में बिजली आपूर्ति करने वाली निजी कंपनियों के होश भी उड़ा दिए हैं।

बी.जे.पी. और ए.ए.पी. ने विधानसभा चुनाव की तैयार करने के दौरान ही दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की दर को कम करने का ऐलान किया था। अब दोनों ही पार्टी राज्य में मजबूती के साथ सामने आई है। लिहाजा बिजली की दर को 30 प्रतिशत तक कम करने के बी.जे.पी. के वायदे ने टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड, बी.एस.ई.एस. की यमुना और राजधानी पावर, एम.ई.एस और एन.डी.एम.सी. के नुकसान के आंकड़े को और बढ़ाने की संभावना बना दी है।

गौरतलब है कि टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी अपने वितरण क्षेत्र में लगभग 16 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करती है। वहीं, बी.एस.ई.एस. की दोनों वितरण कंपनी 32 लाख उपभोक्ताओं को बिजली देती है। एन.डी.एम.सी. और एम.ई.एस. के पास 1.50 हजार उपभोक्ता हैं।


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