एक नहीं कई हैं आप की चमत्कारिक जीत के मास्टरमाइंड

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Tuesday, December 10, 2013-12:38 AM

नई दिल्ली (हर्ष कुमार सिंह): आम आदमी पार्टी की जीत में केजरीवाल, सिसौदिया, कुमार विश्वास जैसे नाम तो खुलकर सामने थे ही लेकिन कुछ नाम ऐसे भी थे जिन्होंने बैक स्टेज काम किया। ये लोग पार्टी के मैनेजमेंट से जुड़े रहे और ऐसा चमत्कार किया जो हर किसी ने देखा। इस टीम में आईटी प्रोफेशनल्स, इंजीनियर, बिजनेसमैन, पत्रकार, संगीतकार, गायक और न जाने ऐसे कितने लोग थे

पिछले साल दो अक्टूबर को आम आदमी पार्टी के गठन के बाद से केजरीवाल की टीम तो सड़कों पर उतर गई थी लेकिन कुछ काम ऐसे थे जिन्हें करने के लिए एक्सपर्ट लोगों की जरूरत थी। पार्टी ने सिक्स स्टेप रणनीति तैयार की। आई टी प्रोफेशनल संदीप बिष्ट (30), जिन्होंने फरवरी में ही आप ज्वाइन की थी, बताते हैं कि ये काम सरल नहीं था। इसके लिए 25 लोगों की टीम बनाई गई थी।

ये लोग बूथ लेवल पर काम कर रहे कार्यकर्ताओं से संपर्क करते रहे। ये टीम कैंपेन चलाने के लिए भी रणनीति बनाती रही। इन लोगों ने मार्च से काम शुरू किया और पालम से हुई शुरुआत हमने पालम एरिया में 1000 लोगों को पार्टी से जोड़ लिया। इसके अलावा हमने अप्रैल में डोर टू डोर कैंपेन चलाया तो पाया कि 72 हजार के करीब फर्जी वोटर दिल्ली के कुछ इलाकों में हैं। हमने इसके बारे में दिल्ली इलेक्शन कमीशन को अवगत कराया। इस कैंपेन को दो महीने तक आगे बढ़ाया गया और नतीजे सामने निकलकर आए।

मोबाइल नंबर से लिए सुझाव:
इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने एक मोबाइल नंबर पूरे देश में प्रचारित किया। इसमें पार्टी के अभियान के लिए सुझाव मांगे गए। पार्टी के पास रोजाना देश-विदेश से 100 कॉल्स आते थे। सभी लोग पार्टी के कार्य में सुधार लाने के लिए अपनी सलाह देते थे। इस अभियान में एक चमत्कारिक  बात ये हुई कि मई से नवंबर के बीच में पांच लाख तक कॉल्स आने लगे।

प्ले फोर चेंज ड्राइव:
इसके अलावा पार्टी की प्ले फोर चेंज ड्राइव को भी पूरा समर्थन मिला। कानपुर आईआईटी के पास आउट नंदन मिश्रा ने अपनी नौकरी छोड़ दी और पार्टी के वॉलंटियर बन गए। मिश्रा ने एक बैंड में बना लिया। इस बैंड ने दिल्ली में स्थान-स्थान पर प्रचार करना शुरू कर दिया। ये बैंड ज्यादातर देशभक्ति के गीत बजाता था और पार्टी के उद्देश्यों के बारे में लोगों को बताता था। इस बैंड में 11 वीं कक्षा के छात्र भी शामिल थे। इन लोगों ने कनॉट प्लेस से शुरू किया और लगभग 15 बड़े बाजारों में छोटे-छोटे कंसर्ट किए।

अद्भुत मैट्रो वेव कैंपेन:
मैट्रो वेव भी एक कैंपेन थी। इसमें वॉलंटियर्स ने मैट्रों में सफर करने वालों से संपर्क किया। इसमें पार्टी के 10-15 लोग किसी भी मैट्रो स्टेशन पर पहुंच जाते थे आप की टोपी पहनकर और इसके यात्रियों को पार्टी के बारे में बताने लगते थे।

बूथ मैनेजमैंट: 
बूथ मैनेजमैंट ड्राइव बहुत ही महत्वपूर्ण थी। इसके तहत गली-मोहल्ले में चल रही गतिविधियों के बारे में आप के कार्यकर्ता मुख्यालय पर सूचनाएं पहुंचाते रहते थे। केजरीवाल खुद सीधे कार्यकर्ताओं से बात करते थे। कुमार विश्वास जैसे लोगों ने पार्टी के मैनेजमेंट लेवल पर काम करते हुए कई काम ऐसे किए जिनकी कल्पना नहीं की जा सकती थी। विशाल-शेखर जैसी संगीतकार जोड़ी यहां कंसर्ट करने के लिए आई। ्र

एक रुपए में चल रहा दफ्तर:
ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि कनॉट प्लेस में हनुमान रोड पर जहां पर आप का कार्यालय चल रहा है वो दिल्ली के एक ऐसे बिजनसमैन का है जो विदेश में रहते हैं। जुलाई माह में ही ये कार्यालय आप को मिला था और इसका किराया एक रुपया प्रतिमाह है। यहां रोजाना 200 लोगों का खाना बन रहा है जिसे एक दंपति बनाता है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि जिस तरह से तिनका-तिनका करके आशियाना बनता है उसी तरह से तिनके-तिनके जोड़कर ये छाड़ू बनी है।



 

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