जस्टिस गांगुली के खिलाफ सड़क पर महिलाएं

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Tuesday, December 10, 2013-1:37 AM

नई दिल्ली : यौन शोषण के आरोपी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस व वर्तमान में पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन ए.के. गांगुली की तत्काल बर्खास्तगी व गिरफ्तारी की मांग को लेकर महिलाएं आज सड़क पर उतरीं।

राष्ट्रवादी शिवसेना महिला मोर्चा की अगुवाई में आयोजित विरोध प्रदर्शन में जंतर-मंतर में जोरदार प्रदर्शन करके गांगुली का पुतला फंूका गया। इस मौके पर गांगुली की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी संबंधी एक ज्ञापन महिलाओं ने राष्ट्रपति को दिया। कार्यक्रम का आयोजन पार्टी की महिला मोर्चा इकाई दिल्ली प्रदेश ने किया है। इस मौके पर उपस्थित महिला कार्यकत्र्ता हाथों में तख्तियां पकड़े हुई थी, जिन पर बलात्कारी गांगुली को गिरफ्तार करो। जस्टिस गांगुली हाय-हाय आदि नारे लिखे हुए थे।

इस मौके पर पार्टी प्रमुख जयभगवान गोयल ने कहा कि एक महिला के साथ किए गए यौन शोषण के वाबजूद भी कानून के रखवालों व न्यायपालिका द्वारा किए जा रहे भेदभाव पूर्ण रवैए से महिलाओं के अन्दर भारी रोष है। उन्होंने कहा कि जस्टिस गांगुली द्वारा यौन शोषण का शिकार बनी इंटर्नशिप महिला ने अदालत के सामने अपनी गवाही में स्पष्ट आरोप लगाए हैं, मगर सर्वोच्च न्यायालय और दिल्ली पुलिस द्वारा गांगुली को इसलिए बचाया जा रहा है कि वह पूर्व जस्टिस था और वर्तमान में भी एक अहम पद पर बिराजमान हैं।

 गोयल ने कहा कि हिन्दू संत आसाराम बापू व नारायण साई पर लगे आरोपों के बाद ही गिरफ्तारी के लिए तेजी दिखाने वाली दिल्ली पुलिस से गांगुली मामले में इतनी निष्क्रिय क्यों है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के इस बर्ताव से प्रतीत हो रहा है वह एक जज और आम नागरिकों विशेषकर हिन्दू धर्म गुरुओं व नेताओं के लिए अलग-अलग कानूनों का पालन कर रही है जो न्यायप्रणाली व पुलिस के प्रति जनता में गहरी नाराजगी का कारण है।

उन्होंने कहा कि पूर्व में भी जस्टिस के.जी. बालाकृष्णन को सदाचार व भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया था जिस पर भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। राष्ट्रपति से मांग करते हुए गोयल ने कहा कि जस्टिस गांगुली को मानवाधिकार आयोग के पद से हटा कर तत्काल गिरफ्तार किया जाए।


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