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20 बरस में जम्मू कश्मीर में 124 सैन्यकर्मी मानवाधिकार उल्लंघन के दोषी

  • 20 बरस में जम्मू कश्मीर में 124 सैन्यकर्मी मानवाधिकार उल्लंघन के दोषी
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Tuesday, December 10, 2013-3:48 PM

जम्मू: जम्मू कश्मीर में पिछले 20 वर्ष में 124 सैन्यकर्मियों, जिनमें 41 अधिकारी शामिल हैं, को मानवाधिकारों के उल्लंघन का दोषी पाया गया और दंडित किया गया। रक्षा मंत्रालय, उत्तरी कमान में जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश कालिया ने आज बताया, ‘मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में 41 अधिकारियों सहित 124 सैन्यकर्मियों पर सेना की अदालतों में त्वरित मुकदमे चलाए गए और उन्हें बिना किसी सेवा लाभ के सेवा से बर्खास्तगी से लेकर जेल तक की सजा (पिछले 20 बरस में) दी गई।

लेफ्टिनेंट कर्नल कालिया ने बताया कि पिछले 20 वर्ष में उत्तरी कमान में सेवारत 1,524 सैन्यकर्मियों के खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाए गए। ‘प्रत्येक आरोप की स्वतंत्र और स्वायत्त निकाय से जांच के बाद इन आरोपों में से 42 सही पाए गए।’ मानवाधिकार दिवस की पूर्व संध्या पर आज लेफ्टिनेंट जनरल संजीव चाचड़ा, जनरल आफिसर कमांडिंग इन चीफ उत्तरी कमान ने जम्मू कश्मीर में तमाम सैनिकों को आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियानों के दौरान शून्य मानवाधिकार उल्लंघन सुनिश्चित करने को कहा।

भारतीय सेना का अपने नागरिकों के मानवाधिकारों के संरक्षण के मामले में बहुत उजला रिकार्ड है और मानवाधिकारों को दिया जाने वाला महत्व इस तथ्य से उजागर होता है कि सेना मुख्यालय में मार्च 1993 से एक मानवाधिकार शाखा कार्यरत है और यह शाखाएं ब्रिगेड और सेक्टर स्तर तक मौजूद हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल कालिया ने कहा, ‘कुछ मामले चल रहे हैं, जिनपर सेना कानून में उल्लिखित प्रक्रियाओं और कानून के तहत नजदीकी नजर रखी जा रही है।’

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