राहुल गांधी का कैनवास दिल्ली तक नहीं, संपूर्ण भारत है: दिग्विजय

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Tuesday, December 10, 2013-5:14 PM

नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि विधानसभा चुनाव के परिणाम राहुल गांधी के खिलाफ जनमत-संग्रह नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद के पार्टी के उम्मीदवार की घोषणा से कांग्रेस को फायदा मिलेगा जो इस बार बुरी तरह पराजित हुई है।  अरविंद केजरीवाल के घोर निंदक माने जाने वाले कांग्रेस महासचिव ने यह भी कहा कि दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन लोकतांत्रिक भारत की चुनावी राजनीति के लिए अच्छा है।

उन्होंने कबूल किया, ‘‘यह लोकतंत्र में लोगों की आस्था को मजबूत करता है, जो तेजी से खो रही थी।’’  दिग्विजय ने इन धारणाओं को पुरजोर तरीके से खारिज करने का प्रयास किया कि दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार राहुल गांधी के नेतृत्व के खिलाफ एक तरह का जनमत-संग्रह है।  कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘नहीं, कोई जनमत-संग्रह नहीं है क्योंकि राहुल गांधी न तो चुनावों में नेतृत्व कर रहे थे और न ही चुनाव लड़ रहे थे।

राहुल गांधी का कैनवास दिल्ली राज्य तक नहीं है, उनका कैनवास संपूर्ण भारत है। आपका उठाया बिंदु प्रासंगिक नहीं लगता।’’  उन्होंने कहा, ‘‘ये चुनाव राज्य के मुद्दों पर लड़े गये, न कि राष्ट्रीय मुद्दों पर।’’  मध्य प्रदेश में 2003 में भाजपा की सत्ता में वापसी से पहले लगातार दो कार्यकाल तक मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह को लगता है कि इस बार मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को बहुत पहले पेश करने से नतीजे अलग हो सकते थे।  

हालांकि उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस बात से सहमति जताई कि पार्टी में बड़े पुनर्निर्माण की जरूरत है। यूं तो दिग्विजय भी अपनी पार्टी के अन्य कुछ नेताओं की तरह कहते रहे हैं कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा करना कांग्रेस पार्टी की परंपरा नहीं है लेकिन अब उनका कहना है कि इस तरह के कदम से कांग्रेस को फायदा होगा।  हालंाकि जाहिर तौर पर दिग्विजय का यह रख चुनाव परिणाम वाले दिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इस बयान का असर हो सकता है कि कांग्रेस उचित समय पर प्रधानमंत्री पद के अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा करेगी।

सोनिया के इस बयान से माना गया कि कांग्रेस राहुल गांधी के नाम की घोषणा करने के लिए तैयार है।  भाजपा ने विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 4-0 से शिकस्त दी है और मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में अपनी सरकार को बरकरार रखते हुए राजस्थान कांग्रेस के कब्जे से छीन लिया है। दिल्ली में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है जहां आप ने भी जबरदस्त प्रदर्शन किया है।  

जब दिग्विजय सिंह से पूछा गया कि क्या यह चुनाव से पहले प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित नहीं करने के कांग्रेस के रख में बदलाव नहीं है, तो उन्होंने कहा, ‘‘हमने 2009 :लोकसभा चुनाव: में इसकी घोषणा की थी।’’   साल 2009 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का घोषणापत्र को जारी करते समय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कांग्रेस का चेहरा बनाया गया था।

 


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