'उमर सरकार ने विश्वसनीयता खो दी'

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Wednesday, December 11, 2013-9:57 AM

जम्मू: अखिल जम्मू कश्मीर पंचायत सम्मेलन ने यह आरोप लगाते हुए कि उमर अब्दुल्ला सरकार ने पंचों और सरपंचों के बीच अपनी विश्वसनीयता खो दी है, आज पंचायत राज संस्थानों के सशक्तीकरण के लिए केन्द्रीय नेताओं के दखल की मांग की। सम्मेलन के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने आज यहां संवाददाताओं से कहा, ‘उमर अब्दुल्ला सरकार ने पंचों और सरपंचों में अपनी विश्वसनीयता खो दी है इसलिए वह पंचायत राज संस्थानों के सशक्तीकरण के लिए भारतीय संविधान के 73वें संशोधन को राज्य में लागू करवाने के लिए केन्द्रीय नेताओं के दखल की मांग करने को विवश हो गए हैं।’

शर्मा ने एजेकेपीसी सदस्यों द्वारा सांसदों के लिए तैयार किए गए ज्ञापन की प्रतियां दिखाई, जिनमें प्रावधान के कार्यान्वयन और चुने हुए प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनसे हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार ने चुनाव से पहले वादा किया था कि चुने हुए पंचायत प्रतिनिधियों को वाजिब शक्तियां दी जाएंगी, लेकिन उसने अपना वादा कभी नहीं निभाया और पंचायतों को निष्प्रभावी छोड़ दिया क्योंकि उन्हें शक्ति और अधिकार दिए ही नहीं गए।’ अनिल ने कहा कि एकेजेपीसी पंचायत के चुने हुए प्रतिनिधियों का संगठन है और पंचायत निकायों के सशक्तीकरण की दिशा में सरकार के ढुलमुल रवैए की कड़ी निंदा करता है। राज्य में 33,000 से अधिक निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि हैं।


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