कश्मीरी पंडितों में सुरक्षा का भाव जगाना जरूरी: उमर

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Wednesday, December 11, 2013-11:01 AM

जम्मू:  जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीरी पंडित कश्मीरियत के मुख्य अंग हैं और उनकी वापसी राज्य की मिली जुली संस्कृति के संरक्षण के लिए आवश्यक है। उमर ने यहां राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए युवा अखिल भारतीय कश्मीरी समाज को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा का भाव नहीं रहने के कारण ही राज्य से कश्मीरी पंडितों ने पलायन किया है।

उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों को वापस राज्य में बुलाने के लिए जबरदस्ती नहीं की जाएगी बल्कि  इसके लिए माहौल तैयार किया जाएगा और उनमें सुरक्षा का भाव पैदा किया जाएगा। इस बीच कश्मीरी पंडितों के संगठन पनुन कश्मीर के अध्यक्ष अश्विनी कुमार चुरुंगु ने भी मंगलवार को यहां एक कार्यक्रम में कहा कि कश्मीरी पंडित अपने देश में ही शरणार्थी के रूप में जीवन यापन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों को अपने घरों में आतंकवादियों की गोलियों का शिकार होना पडा है जिसकी वजह से सात लाख कश्मीरी पंडित अपने घरों को छोड़कर भागे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पंडितों के हितों के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।


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