कपिल सिब्बल ने कहा, आजादी और अराजकता एक ही सिक्के के दो पहलू

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Wednesday, December 11, 2013-11:54 AM

नई दिल्ली: धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कपिल सिब्बल ने कहा है कि आजादी और अराजकता एक ही सिक्के के दो पहलू है। कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर जवाबदेही न हो तो आजादी खुद अपनी दुश्मन बन जाती है। जबकि एएसजी इंदिरा जयसिंह ने समलैंगिकता पर उच्चतम न्यायालय के फैसले पर कहा कि संवैधानिक मूल्यों को विस्तार देने का ऐतिहासिक अवसर चला गया है। यह हैरानी की बात है कि कई मामलों की न्यायिक समीक्षा करने वाली अदालत ने समलैंगिकता पर निर्णय लेने के लिए गेंद संसद के पाले में डाल दी है।

वही, शिवानंद तिवारी ने धारा 377 पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश नहीं हैं। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने समलैंगिक संबंधों को उम्रकैद तक की सजा वाला जुर्म बनाने वाले दंड प्रावधान की संवैधानिक वैधता को आज बहाल रखा। न्यायालय ने यह कहते हुए विवादास्पद मुद्दे पर किसी फैसले के लिए गेंद संसद के पाले में डाल दी कि मुद्दे पर चर्चा और निर्णय करना विधायिका पर निर्भर करता है। सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 पर फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकार कानून में बदलाव कर सकती है और सरकार को इस बारे में अटॉर्नी जनरल से राय लेनी चाहिए।


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