'अदालतों में गर्मियों की छुट्टियां समाप्त करने का कोई प्रस्ताव नहीं'

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Wednesday, December 11, 2013-2:22 PM

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आज कहा कि अदालतों में ब्रिटिश राज से चली आ रही गर्मियों की छुट्टियों की व्यवस्था को समाप्त करने का कोई प्रस्ताव उसके विचाराधीन नहीं है। विधि और न्यायमंत्री कपिल सिब्बल ने लोकसभा में सदस्यों के सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अदालतों में ग्रीष्म अवकाश की परंपरा अंग्रेजी राज के जमाने से चली आ रही है। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में अवकाश की अवधि संबंधित अदालतों द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार तय होती है।

 

सिब्बल ने बताया कि भारतीय विधि आयोग ने 5 अगस्त 2009 को सौंपी अपनी 230वीं रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि शीर्ष न्यायपालिका में छुट्टियों की अवधि में कम से कम 10 से 15 दिनों की कमी की जानी चाहिए तथा अदालतों के कामकाज के घंटों में कम से कम आधा घंटे की वृद्धि की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस रिपोर्ट को विचार के लिए उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को भेज दिया गया था। सिब्बल ने स्पष्ट किया कि अदालतों में ब्रिटिश राज से चली आ रही गर्मियों की छुट्टियों की व्यवस्था को समाप्त करने का कोई प्रस्ताव उसके विचाराधीन नहीं है।


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