नियंत्रण रेखा पर इस साल हुए संघर्ष विराम उल्लंघन के 195 मामले

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Wednesday, December 11, 2013-2:37 PM

नई दिल्ली: सरकार ने आज बताया कि जम्मू-कश्मीर में इस साल आज की तारीख तक नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन के 195 मामले और भारत-पाकिस्तान सीमा पर सीमा पार से गोलीबारी के 149 मामले हुए हैं। गृह राज्य मंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने आज राज्यसभा को ईश्वरलाल शंकरलाल जैन के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस साल नियंत्रण रेखा पर दूसरी ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन किए जाने पर एक भारतीय जवान शहीद हुआ तथा गोलीबारी की घटनाओं में 9 जवान शहीद हुए। रामचंद्रन ने बताया कि चालू वर्ष के दौरान भारत पाक सीमा पर सीमा पार से हुई गोलीबारी में सीमा सुरक्षा बल के दो कर्मी भी मारे गए।

उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाओं को महानिदेशक सैन्य कार्रवाई (डीजीएमओ) स्तरीय हॉटलाइन तंत्र के माध्यम से उठाया गया है। गृह राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार ने पाकिस्ताान से नियंत्रण रेखा की मर्यादा बनाए रखने तथा वर्ष 2003 की अपनी युद्ध विराम वचनबद्धता का पालन करने के लिए भी कहा है। गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने किरनमय नंदा के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 26 सितंबर 2013 को जम्मू कश्मीर के सांबा में सीमा सुरक्षाबल के शिविर पर हुए आतंकी हमलों की जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि 24, 25 और 25, 26 सितंबर की मध्य रात्रि के दौरान आतंकवादियों की घुसपैठ के प्रयास संबंधी मामले में जांच के लिए सीमा सुरक्षा बल ने स्टाफ कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया था। सिंह के अनुसार, इस घुसपैठ संबंधी प्रयास के मामले के बाद हीरानगर में पुलिस स्टेशन और सांबा में सेना के शिविर पर आतंकी हमला हुआ था।


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