बसपा की राह में बसद ने लगाया स्पीडब्रेकर

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Wednesday, December 11, 2013-3:06 PM

भिण्ड: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में मतदाताओं और मतदान के प्रतिशत में करीब एक तिहाई का इजाफा होने के बावजूद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वोटों में गिरावट आने का एक प्रमुख कारण दलित एजेंडे की राजनीति करने वाला बहुजन संघर्ष दल (बसद) रहा। बसद ने ग्वालियर चंबल क्षेत्र की अनेक सीटों पर 12 से 15 हजार वोट हासिल करके बसपा के चुनावों गणित को गडबडा दिया है। कभी मध्यप्रदेश में बसपा का जनाधार तैयार करने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले दलित नेता फूलसिंह बरैया ने बहुजन संघर्ष दल (बसद) का गठन करके इस चुनाव में ताल ठोकी और अनेक सीटों पर अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई है।

 

बरैया खुद भिण्ड जिले की गोहद सीट से उम्मीदवार थे जहां उन्हें 14633 मत मिले हैं जबकि बसपा 5890 मत ही हासिल कर सकी। इस तरह बरैया ने बसपा से 8743 वोट ज्यादा लेकर इलाके की दलित राजनीति पर अपनी पकड़ साबित की है। बहुजन संघर्ष दल को मेहगांव में 12783, अटेर में 6680, भिण्ड में 2359 एवं लहार में 1047 वोट मिले है। इस तरह बगल के दतिया जिले की भाण्डेर सीट पर बसद 13389 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रही और उसने बसपा चौथे स्थान पर धकेल दिया। उसे सेंवढा में 15932 वोट मिले।

 

ग्वालियर जिले की भितरवार सीट पर 17000 और मुरैना के सबलगढ़ में 15391 वोट लेकर बसद ने राजनीतिक समीकरणों के प्रभावित किया है। इनके अलावा वह अन्य अनेक सीटों पर डेढ़ से दो हजार वोट हासिल करने में सफल रही है। इस चुनाव में बसपा की सीटें सात से घटकर चार रह गई हैं और उसके वोटों में भी एक लाख 34 हजार से ज्यादा की कमी आई है जबकि बसद ने एक लाख 69 हजार 33 वोट हासिल किए है।


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